सहारा के जिला प्रबन्धक ओर मैनेजर के खिलाफ उपभोक्ता आयोग ने दिये 03 परिवाद में बड़े फैसले

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@Voice ऑफ झाबुआ  @Voice ऑफ झाबुआ

हमारे देश में उपभोक्ताओं के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए ओर उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 सरकार के द्वारा कानून बना रखा है ।

जनता आज भी अनजान

लेकिन इन अधिकारों के संबंध में आम लोगों सहित झाबुआ जिले के आदिवासी अंचल में कम ही लोगों को जानकारी है और इस कानून और अधिकारों का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के चलते उपभोक्ता और आम आदमी अपने अधिकारों से वंचित रह कर कई बार नुकसान उठाते है।

नई पहल से आएगी जनजागृति

लेकिन झाबुआ जैसे आदिवासी अंचल से जिला उपभोक्ता फोरम के द्वारा दिए गए 04 आदेशों से उपभोक्ताओं में जनजागृति लाने की पहल हुई है ।वहीं झाबुआ जैसे आदिवासी अंचल में उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागृत करने की दिशा में यह बड़ा सफल आदेश माना जा रहा है ।

फोरम ने दिए सहारा के खिलाफ 03 आदेश

प्राप्त जानकारी के अनुसार झाबुआ में स्थापित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतिपोषण आयोग के अध्य्क्ष माननीय रमेश मावी ओर मेंम्बर माननीय कृष्ण सिंह राठौर की उपस्थिति में जिले में गठित सयुंक्त फोरम के द्वारा दिनांक 04/08/22 को अपने न्यायालय/उपभोक्ता आयोग में प्रचलित रहे उपभोक्ता विवाद संबंधी मामलों का निराकरण करते हुए उपभोक्ताओं के हित में बढ़ा निर्णय दिया है।

जिले में हजारों खताधारको के लाखों रुपए लगे है सहारा में

झाबुआ,पेटलावद थांदला के आदिवासी अंचल में सहारा इंडिया कंपनी के झाबुआ स्थित कार्यालय से जुड़े एजेंटों के माध्यम से हजारों खाताधारकों ने जुड़कर खाते खुलवॉये ओर हजारों लाखों रुपये की राशि अपनी जीवन की जमा बचत पूंजी के रूप में जमा की थी लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने पर कम्पनी की माली हालतसहित अनेक कारनों के आधार पर उपभोक्ता अपने रुपये प्राप्त नही कर पा रहे है और लगातार परेशांन हो रहे है।

सुप्रीम कोर्ट तक कर चुकी है आदेशित

उलेखनीय है कि सहारा इंडिया कम्पनी के विरुद्ध पुरे देश मे कयि मामले लंबित होकर पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुचा है और देश की सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा प्रमुख सुब्रतो रॉय की सम्पति अटैच करने के साथ ही उसे बैचकर भी देशभर के खताधारको को रुपया लौटाए जाने की कवायद की है।

क्षेत्रवासियों के लिये उम्मीद की किरण

लेकिन आदिवासी अंचल के सभी लोग आज भी अपने जीवनभर की पूंजी को वापस प्राप्त करने दर दर भटक रहे है ऐसे मे जिला उपभोक्ता फोरम आयोग झाबुआ से सहारा के खाताधारको के लिये खुशी ओर राहत की खबर आई है।

इन मामलो में हुए आदेश
जिला उपभोक्ता आयोग झाबुआ के अध्यक्ष माननीय रमेश मावी व सदस्य कृष्णसिंह राठौर ने आयोग के समक्ष अलग अलग 03 परिवादीयो ने प्रबंधक सहारा क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसायटी झाबुआ ओर फ्रेंचाइजी मैनेजर सहारा को ऑपरेटिव के विरुद्ध परिवाद प्रस्तुत कर रखे थे।

जिसमें प्रथम
परिवाद मकना पिता मडिया डामोर निवासी सजेली के वर्ष 2020 से लंबित परिवाद को स्वीकार करते हुये राशि 2,21068 रुपये व मानसिक त्रासदी हेतु 6,000 व परिवाद व्यय 2,000 रुपये 60 दिन के अंदर देने का आदेशित किया गयौ

वही दूसरा
परिवाद में मुकेश पिता मड़िया डामोर निवासी सजेली थांदला के वर्ष 2020 से प्रचलित वाद को स्वीकार करते हुए राशि 3,48170 रुपये व मानसिक वेदना हेतु 10,000 रुपये ओर परिवाद व्यय 2,000 रुपये देने का आदेश किया गया।

तथा तीसरा
परिवाद में उदयसिंह पिता मंगलसिह नायक सजेली के 2020 से लंबित परिवाद को स्वीकार करते हुए 12,46,444 रुपये की राशि और मानसिक वेदना हेतु 5000 रुपये ओर 2000 रुपये परिवाद व्यय 60 दिन के भीतर परिवादी को दिये जाने हेतु सहारा इंडिया के प्रबंधक ओर फ्रंचाईज मैनेजर को आदेशित किया गया है।

जिले के खाताधारको को जागी उम्मीद

इस तरह से जिला उपभोक्ता आयोग के द्वारा दिए गए इन आदेशों से आदिवासी अंचल के उपभोक्ताओं में अपने अधिकारों को लेकर जन जागृति जरूर आएगी। वही जिले के सहारा के हजारों खाताधारको को भी अपने मेहनत से जोड़ी गयी पाई पाई की राशि मिलने की उम्मीद उपभोक्ता आयोग से जागी है।

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