कामथेन सिक्योरिटी कम्पनी का अनुबंध समाप्त होने पर भी नहीं जा रहा सीएमएचओ साहब का कम्पनी से मोह….!

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voice of झाबुआ निकलेश ड़ामोर

 

कहते है ना आदमी जैसा बाहर से दिखता है वैसा होता नहीं… इसका ज्वलंत उदाहरण जिले के स्वास्थ्य मुखिया जयपाल सिंह जी ठाकुर है ओर गली गली में इनके कारनामों की चर्चा सुनने को मिल रही है… जनचर्चा है कि दिखने में तो साहब बहुत सहज है पर दिमाग में सिर्फ यही की लक्ष्मी यंत्र कैसे प्राप्त होंगे ओर उन्हें प्राप्त करने के लिये साहब किसी भी हद तक जा सकते है ये आज लोगों की चर्चा का विषय बना हुआ है… सूत्र बता रहे है कि साहब का जिले में काम कर रही सुरक्षा और सफाई कर्मी व आउट सोर्सिंग वाली फर्म कामथेंन कंपनी से बड़ा ही गहरा गठबंधन है… ओर दोनो के बीच इतना प्रेम है की एक दूसरे को छोड़ना ही नहीं चाहते है… तभी तो निविदा अवधि समाप्त होने के बाद भी साहब से उक्त कंपनी का मोह नहीं छूट रहा। नियमों को ताक में रखकर अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद भी साहब उसी कंपनी से काम करवा रहे क्योंकि अगर वह चली गई तो लगभग 20% का नुकसान हो जाएगा। जिले के स्वास्थ्य मुखिया के यह हाल है कि अगर उन्हें साइड से पैसा प्राप्त न हो तो उन्हें नींद नहीं आती ओर आती भी है तो उन्हें बुरे बुरे सपने आने लग जाते है…जिले में जिला अस्पताल सहित लगभग 50 सुरक्षा गार्ड का ठेका इंदौर की फर्म कामथेंन सिक्योरिटी सर्विस इंदौर को दिया गया है जिस पर प्रतिमाह लगभग 10 लाख रुपये का भुगतान होता है। राम भरोसे चल रही इस फर्म का जिले में कोई कर्ताधर्ता नही है सारा खेल सीएमएचओ साहब के इशारों पर चल रहा है। सूत्र बताते है उक्त फर्म पूरे प्रदेश में अपने कार्य को लेकर विवादित रही है और झाबुआ जिले में भी उक्त फर्म के कार्य हेतु किये गए अनुबंध की अवधि समाप्त हो गई है उनके बावजूद साहब को प्रतिमाह एक लंबी राशि मिलने की वजह से निविदा प्रकिया ही नहीं करवाई जा रही।तीन साल हो गये निविदा प्रकाशित किये साहब ने लक्ष्मी यंत्रो को लेकर सबको बिना टेंडर किये काम दें दिया, स्टेशनरी, लोकल पररचेस, भोजन, होटल किराया, रूम किराया, हाल किराया, प्रिंटिंग, छपाई आदि की विज्ञप्ति नहीं निकाली बारोबार सेटिंग कर वही फर्मे काम कर रहीं श्रीमान कलेक्टर महोदय इस और ध्यान दें व जांच करवाई जाये, नहीं तो सीएमएचओ साहब ने तीन साल मे अपने लक्ष्मी यंत्रो से पेट भर लिया जिले को जितना लूटना था लूट लिया, जिले मे इनके आने के बाद एक भी फर्जी चिकित्सक या बंगाली पर केश नहीं बना सीधे बीएमओ और अभिसेक निपटा रहे ये सब सीएमएचओ साहब को लक्ष्मी यंत्रो की भेट कर रहे तभी तो तीन साल मे कोई कार्यवाही नहीं हुई lकाम मे फिसड्डी जिले के स्वास्थ्य मुखिया लक्ष्मी यंत्र प्राप्त करने में अव्वल है। अब जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की बनती है कि इस विभाग में चल रहे अंधे कानून को समाप्त करने के लिए अस्पताल में कलेक्टर महोदय का कोई प्रतिनिधि नियुक्त कर इनके काले कारनामों पर रोक लगाए।

अगले अंक में गार्डों को दिए जाने वाले वेतन और उनमें हो रहे गडबड़ झाले के सबूत के साथ पुनः…

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