विहिप द्वारा आयोजित सभा में इसाई समुदाय एवं मुस्लिम समाज के विरूद्व अपमानजनक भाषा एवं शब्दों का उपयोग किया

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श्रीमान पुलिस अधिक्षक महोदय,
जिला झाबुआ (म.प्र.)

विषयः-अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अभद्र एंव झूठे आरोप लगा कर नगर की शांति खराब करने के विषयक।
उपरोक्त विषय मेें श्रीमान से निवेदन है कि, कावड यात्रा एंव धर्म सभा के नाम पर दिनांक 1/08/2022 को वि.ही.प. एंव अन्य कठरपंथी संगठनों द्वारा झाबुआ बस स्टेंड पर एक सभा का आयोजन किया गया। उक्त सभा में इसाई समुदाय एवं मुस्लिम समाज के विरूद्व घोर अपमानजनक भाषा एवं शब्दों का इस्तेमाल किया गया जो निंदनीय हैं।
इस प्रकारः-
1) ईसाई समाज के ईष्ठ एवं आराध्य प्रभु येसु के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।
2) मुस्लिम समाजजनों के लिए “हराम-जादे” शब्द का प्रयोग किया।
3) नगर का सांम्प्रदायिक माहौल खराब करने के उद्धेश्य से भडकाऊ संदेश दिया गया।
4) आदिवासी को आदिवासी से लड़वाने के लिए कटिपथ बाहर से वक्ता आकर भडकाऊ संदेश दे रहे है।
5) 5 से 10 वर्ष की उम्र के बच्चों को सभा के मंच पर व सभा स्थल पर पढ़ाई व शाला छुडवाकर अल्पसंख्यक समाज के विरूद्व जहर भरा जा रहा है।
6) उज्जैन से आये आचार्य रामस्वरूप महाराज ने अपने भडकाऊ संदेश में कहा एवं संकल्प दिलवाया कि सभी हिन्दू भाई-बहन अपने हिन्दू व्यापारियों से ही लेन-देन करें। अन्य व्यापारियों से किसी भी प्रकार का व्यापार न करें। इस प्रकार से उग्र वक्ताओं द्वारा सांप्रदायिक सौहाद्र एवं प्रशासन के खिलाफ भ्रामक निराधार और झुठी जानकारियाँ सार्वजनिक मंच से एंव सौशल-मीडिया के माध्यम से प्रेमसिंह डामोर द्वारा जारी की जाती है। जिसके तहत कल बस स्टेंड पर हुई सभा के मंच से प्रेमसिंग डामोर द्वारा कहा गया कि कलेक्टर महोदय द्वारा जिले के सभी चर्चाें को अवैध घोषित कर तोड़ने का आदेश जारी कर दिया गया है,ऐसी भ्रामक जानकारियाँ आम लोगों के बीच में प्रसारित कर नगर का साम्रदायिक माहौल खराब किया जा रहा है,जिस पर कृपया पुलिस प्रशासन द्वारा कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
7) सभा स्थल और मंच से संदेश देते हुवे कहा गया कि, ”तुम राखी का पर्व मना लो बस फिर जो हम को जो करना है, वह करेंगे!“इस संदेश से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कट्टरपंथी संगठनों द्वारा ईसाई समाज के निर्माणधीन धार्मिक स्थल को निशाना बना कर कुछ योजना बनाई जा रही है।
8) उक्त सम्पूर्ण योजनाओं को बनाने में हिमांशु त्रिवेदी झाबुआ का दिमाग चल रहा है, जो आदिवासी समाज को बांटकर नगर की सांप्रदायिकता को बिगाडना चाहता है,जो सौशल-मीडिया पर भी भडकाऊ संदेश आये दिन डालता रहता है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उक्त कार्यक्रम एक राजनितिक सभा न होकर धार्मिक आयोजन था, तो फिर प्रशासन कि नाक के नीचे दो अल्पसंख्यक धार्मिक समाज के विरूद्व खुली विद्वेशक भावना से भडकाऊ भाषण दिए, तो प्रशासन मुक-दर्शक बन कर देखता रहा तो यह क्या उचित था ?
ईसाई समाज एवं मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों के माध्यम से शासन प्रशासन को ज्ञापन देकर मांग की जाती है कि, जहां राष्ट्र ”अमृत महोत्सव“ मना रहा है। वहीं कुछ कट्टरपंथी विचारों के व्यक्तियों द्वारा झाबुआ नगर एवम् जिले में साम्प्रदायिक माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, अतः हम इन निम्नलिखित व्यक्तियों पर कानूनी कारवाई की मांग करते है। जिससे नगर एवम् जिले का माहौल और न बिगडे़।
1) प्रेमसिंह डामोर (कोकावद)
2) हिमांशु त्रिवेदी (झाबुआ)
3) आचार्य रामस्वरूप महाराज (उज्जैन)
4) कमलसिंह डामोर (कोकावद)
एवम् राजू निनामा, विनोद शर्मा, वासुदेव पंड्या, कृष्णा शाह, जामसिंह, रमेश निनामा, जोगा सिंगाड, शैतान।

विनीत
सम्पूर्ण इसाई समुदाय झाबुआ

संग्लन:- भड़काऊ भाषण की पेन ड्राईव

प्रतिलिपिः- 1) महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार, नई दिल्ली
2) महामहिम राज्यपाल महोदय म.प्र. शासन, भोपाल

विनीत
सम्पूर्ण इसाई समुदाय झाबुआ

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