रतलाम में अगले सप्ताह शपथ लेंगे नए महापौर और पार्षद

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शहर के नए महापौर प्रहलाद पटेल और 49 निर्वाचित पार्षद अगले सप्ताह शहर में विकास के लिए कामकाज की बागडोर संभालेंगे। महापौर और परिषद की शपथ के बाद नए अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। इसके लिए भाजपा में नाम पर मुहर हाईकमान लगाएगा।

20 जुलाई को नगर निगम के चुनाव नतीजे आ चुके है। इसमे भाजपा 30 पार्षद जीतकर सबसे बडा़ दल बनकर उभरा है। कांग्रेस 15 पार्षद लाकर पिछले तीन बार की तरह अब चौथी बार भी विपक्ष की भूमिका निभाएगा। जिस तरह भाजपा में चुनाव नतीजे के बाद अब अध्यक्ष कौन बने इसको लेकर सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है, उसी तरह कांग्रेस में भी विपक्ष के नेता के नाम को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अध्यक्ष से लेकर एमआईसी का जोड़तोड़
नगर निगम में परंपरा वरिष्ठ पार्षद को अध्यक्ष बनाने की रही है। इस परंपरा का पालन होता है तो वार्ड नंबर 5 से तीसरी बार चुनाव जीतकर आए भगतसिंह भदोरिया सत्तापक्ष की तरफ से सबसे वरिष्ठ पार्षद है जो इस पर के दावेदार बनकर उभरे है। इनके अलावा अगर पार्टी वार्ड नंबर 6 से चुनाव जीतकर आए एलएलबी किए हुआ रत्नदीप शक्तिसिंह के नाम पर भी मंथन शुरू कर चुकी है। इनके अलावा वार्ड नंबर 7, 9, 16 से चुनाव जीतकर आए क्रमश: देवश्री पुरोहित, निशा सोमानी, रणजीत टांक को भी बड़ी जिम्मेदारी देने पर मंथन कर रही है। असल में यह वो पार्षद है जो पढ़े लिखे है और पोस्ट ग्रेजुएट है। अध्यक्ष के साथ – साथ पार्टी को मेयर इन कौसिंल याने की एमआईसी का गठन भी करना है।
पूरी एमआईसी पर रहेगी चुनाव की छाया

असल में एमआईसी का गठन सिर्फ नगर निगम के कामकाज को चलाने मात्र के लिए नहीं होगा, बल्कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की छाया या तैयारी भी एमआईसी में नजर आएगी। इसमे बड़ी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल वितरण विभाग, राजस्व विभाग की है। शहर में स्वच्छता अभियान 2023 के अनुसार तैयारी करना, जर्जर रोड से मुक्ति पाना, अनियमितत पेयजल व्यवस्था में सुधार कर नियमित पेयजल वितरण शुरू करवाना प्रमुख चुनौती है, जिसे विधानसभा चुनाव के पूर्व बेहतर करना होगा। इसके अलावा निगम के करीब 3 अरब रुपए के सालाना बजट में से 70 प्रतिशत राशि कर्मचारियों के वेतन पर व्यय होती है, ऐसे में राजस्व को बढ़ाना भी चुनौती है, इसलिए विभाग भी पार्टी मजबूत हाथ में देगी।
विपक्ष के नेता में बदलाव

पिछली परिषद में यास्मीन शेरानी कांग्रेस की तरफ से विपक्ष की नेता थी। इस बार अंदरखाने के सूत्रों का दावा है कि इस पद पर अन्य पार्षद को पार्टी यह जिम्मेदारी देने जा रही है। कांग्रेस के कुल 15 पार्षद चुनाव जीतकर आए है। कुल ४ निर्दलीय में से दावा किया जा रहा है कि 2 निर्दलीय पार्षद कांग्रेस की विचारधारा को समर्थन करने वाले है। ऐसे में विपक्ष के नेता के नाम पर जो दो 2 पार्षद किसी एक नाम पर सहमत होंगे, उसको यह जिम्मेदारी दी जाएगी। लगातार दूसरी बार जीतकर आई भावना पेमाल और शांतिलाल वर्मा भी इस पद की दौड़ में है। अंतिम निर्णय वरिष्ठ नेता लेंगे।
कलेक्टर जारी करेंगे अधिसूचना

नगर निगम में शपथ आयोजन के लिए अधिकृत कार्यक्रम की अधिसूचना नगर निगम प्रशासक नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी जारी करेंगे। यह अगले सप्ताह जारी होगा।

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