वर्षो पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद होगी भारत माता की प्रतिष्ठा

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तलाईपुरिया में भारत माता एवं शीतला माता प्राण प्रतिष्ठा व धर्मगंगा महोत्सव का आयोजन आज  कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ । भव्य कलश यात्रा में बड़ी संख्या में बालिका और महिलाओं ने कलश सिर पर उठाकर चल रही थी   भव्य कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए निकली  सभी सर्व समाज द्वारा  स्वागत किया आयोजन में शामिल होने हेतु गांव तलाईपुरिया की महिलाओं ने एक दिन पूर्व  पूरे नगर में पीले चावल रखकर निमंत्रण दिया है। वहीं गांव की महिलाओं ने बैठक कर आयोजन की तेयारियों हेतु विभीन्न रूप रेखा भी बनाई है। पं. गोपालकृष्णजी महाराज शक्करखेड़ी धर्मगंगा महोत्सव मे प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे प्रवचन होंगे  वहीं रात्रि में संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन होगा। 8 जून से हवन प्रारंभ होगा तथा रात्रि में 8 बजे केशव बघेल एंड पार्टी बाग द्वारा भजन संध्या कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुतीयां देंगे। 9 जून को मूर्तियों का नगर भ्रमण होगा। इस अवसर पर शाम 5 बजे से भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। 10 जून को शुभ मुहूर्त में मुर्ती स्थापना के बाद महाआरती एवं प्रातः 11ः30 बजे से महाप्रसादी का आयोजन होगा। संपूर्ण आयोजन यज्ञाचार्य पं. गिरिराज व्यास रिंगनोद के सानिध्य में संपन्न होंगे।

*मांस-मदिरा से दूर रहेंगे ग्रामीण –*
दरअसल रिंगनोद के तलाईपुरिया का भारत माता एवं शीतला माता मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना बताया जाता है। पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार करने के बाद नवीन मंदिर में भारत माता तथा शीतला माता की प्रतिष्ठा की जाएगी। रिंगनोद के तलाईपुरीया में धार जिले का संभवत पहला भारत माता का मंदिर है, जहां भारत माता की प्राण प्रतिष्ठा होगी। वहीं आयोजन को लेकर ग्राम तलाईपुरिया के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आदिवासी समाज द्वारा बैठक कर निर्णय लिया गया कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत कोई भी व्यक्ती मांस-मदिरा का सेवन नही करेगा अगर ऐसा करता हुआ पाया गया तो उस पर अर्थदंड लगाया जाएगा। वहीं हर घर के व्यक्ती ने महोत्सव के तहत अपने प्रतिष्ठान तथा कामकाज बंद रखने का भी निर्णय लिया है।

योगेश गवरी

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