गरीबो के गले नुक देकर किया जा रहा है चौकी निर्माण

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वॉइस ऑफ झाबुआ – @ पेटलावद

पेटलावद मे एक तरफ बेरोजगार द्वारा जिस स्थान पर घुमटीयाँ रख रोजगार किया जा रहा था उस जगह से नगर परिषद,पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग ने सयुंक्त कार्यवाही करते हुवे घूमटीधारियों को यह कहकर खदेड़ा था की यह नज़ुल की भूमि है और यहाँ यातायात बाधित हो रहा है, अब उसी जगह पुलिस प्रशासन खुद के लिये चौकी निर्माण खुद खड़े रहकर करवा रहा है, प्रशासन पर कोई नियम कायदा कानून नहीं होता सारे नियम कायदे कानून ताक मे रखकर अपने लिये चौकी निर्माण करवा रहे हैं l कायदे कानून तो केवल आम नागरिको के लिये ही बने हैं l
लायंस क्लब ग्रेटर करवा रहा चौकी निर्माण
इस क्लब का गठन जब से हुआ है तब से ये क्लब साहब लोगों का जी हजुरिया बन कर समाज सेवा की बजाय केवल साहब सेवा में ही लगा हुआ है, सभी चाहते हैं की साहब से नजदीकियां बड़ेगी तो अपने काम होते रहेंगे l यहाँ तक साहब को भी इस क्लब का सदस्य बना लिया है, अब साहब अपने साथ है तो डर कैसा? कहावत है की सैंयाँ भये कोतवाल तो डर काहे का?
चौकी निर्माण के लिये ना ही कोई अनुमति और ना ही किसी विभाग से परमिशन, कहावत है कि “शाला कभी कभी तो लगता हैं पेटलावद का अपून इज भगवान है ” यह गुमान इस क्लब अध्यक्ष को आ गया है l
पहले क्लब ने साहब की जी हजूरी मे घूमटी लगाई थी अब उसी घूमटी की जगह चौकी निर्माण किया जा रहा है, और निर्माण भी अन्य निर्मित दुकानों से भी अधिक जगह पर , इनके लिये अतिक्रमण शब्द बना ही नहीं l
चौकी निर्माण मे लग रहा अधिकतर सामान तो पुलिस का रोब दिखाकर मंगवाया जा रहा है, पेटलावद मे नदी किनारे गरीब कुम्हार लोग जो बेचारे खुद फटे हाल है, जैसे तेसै वो अपने परिवार का लालन पालन कर रहे हैं, उन गरीबो के पास पुलिस जवान ने जाकर पुलिस चौकी निर्माण के लिये ईटों की माँग की बेचारे गरीब क्या करते किसी ने 200 किसी ने 500 तो किसी ने हजार ईटें दी है और अभी शुरुआत है यह शिलशिला चलता रहेगा l और भी रेत वालो से रेत बाकी औरों से भी इसी प्रकार सामान लिया जा रहा है पर लोग डर के मारे अपनी जबान ना खोलकर नाम ना छापने की शर्त पर जानकारी दी है l सवाल ये उठ रहा है की लायंस क्लब जो अंतराष्ट्रीय स्तर पर समाज सेवा के लिये जाना जाता है वही क्लब की एक संस्था लायंस ग्रेटर समाज सेवा के नाम पर लोगों से डरा धमका कर समाज सेवा के नाम पर साहब सेवा मे लगे हैं l आखिर एक क्लब को इतना पॉवर किसने दिया है की वो बिना अनुमति के शासकीय भुमि पर अवैध निर्माण कर सके l पेटलावद के इस क्लब की सदस्यता को ऊपर मुख्य संस्था द्वारा रद्द किया जाना चाहिए जो समाज सेवा के नाम पर अपने निजी हित साध रहा है और संस्था के नाम पर बट्टा लगा रहा है साख खराब कर रहा है l
हमेशा की तरह फिर वही पुलिसिया रॉब वाले साहब…..
चौकी निर्माण के लिये भी हमेशा ऐसे काम मे प्रतिनिधित्व करने वाले पुलिस कर्मी नदी किनारे इट भट्टीयो पर पहुँच पुलिसिया रुबाब दिखाते हुए किसी से 200 किसी से 500 तो किसी से हजार इट लेकर ट्राली भरा लाये l पहले भी और बाद में भी इसी प्रकार चौकी निर्माण मे हराम की ईट से पुलिस चौकी का निर्माण चलता रहेगा l याने कानून खुद ही अपने लिये प्रश्न बन गया है बागर खुद ही खेत खा रही हैं l

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