एसपी साहब…! नम जैसे सटोरियों चाकु की नोक पर कर रहे है अपराध…!

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झाबुआ

सट्टे जुए की चपेट में आने से अपराधों का ग्राफ भी झाबुआ नगर में बढता ही जा रहा है और नम जैसे सटोरियों की वजह से कई लोगों के घर बर्बाद हो चुके है। सोमवार की ही घटना ले लो। एक युवक के साथ नम ने मारपीट की और मामला थाने तक पहुंच गया पुलिस ने मामले में इतनी गंभीरता भी नही दिखाई अगर गंभीरता दिखाते हो कई बडी धाराओं में मामला दर्ज हो सकता था… अगर ये आदतन अपराधी न होता तो महिलाओं को थाने पर आकर रोना बिलखना नही पडता। वहीं दुसरी महिला वीडियों में साफ कहती नजर आ रही है। नगर की वजह से हमारा घर बार बिक गया। नम के भाई कालम पर भी कई अपराध पंजीबद्ध है। वाॅइस ऑफ झाबुआ ने प्रमुखता से सट्टे के कारोबारियों के ठिकाने और उनके नाम सहीत खबर का प्रकाशन किया गया था मगर कोई कार्रवाई नही की गई। इनके खिलाफ जो भी गया या तो उन्हे ये डराते धमकाते है या फिर उन्हे झुठे मामले में फंसाने की कोशिश करते है। सोमवार को हुई घटना से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि नम उर्फ नईम आदतन अपराधी है इस पर लगाम कसना बहुत जरूरी है… हुडा मारूती नगर… बाडकुआ… छोटी गोला छोटी खराडी फलिया… बिलीडोज… मेलपाडा, नल्दी भोयरा, कालापीपल, मटन मार्केट ऐसे कई जगहों पर इसने अपने सट्टे का मायाजाल फैला रखा है। मगर न जाने क्यों झाबुआ पुलिस इन पर कार्रवाई नही कर रही है।
पुलिस अधीक्षक महोदय से निवेदन है कि झाबुआ कोतवाली क्षेत्र में भयु बावडी मस्जिद अपने घर व आजाद चौक पर अपनी दुकान पर सट्टा लेता है… सलीम मटन मार्केट में… शालु हुडा और हुसैनी चौक… धनु सेठ सट्टा गली में अपने घर पर व थांदला गेट… पिटोल का कालु कुण्डला और मोद खाकरा? ललीत तेलीवाडा… अयोध्या बस्ती मे भी बडे पैमाने पर… मनीष जेल के पीछे… साजीद नावी ये रजला व आसपास के क्षेत्र की खाईवाली करता है… जीतु बाजार के मुख्य लोगों का सट्टा लेता है… और इसका आका खतरी इनमें से कई सटोरियों को सट्टे का काला कारोबार चलाने के लिए फाईनेंस भी करता है… ये सब मिल कर झाबुआ नगर की फिजा बिगाडने में लगे हुए है और अगर कोई इनके खिलाफ कुछ करता है तो उन्हे फसाने की कोशिश करते है। सुत्रों का कहना है कि कुछ निचले स्तर के कर्मी इनके मुंह लगे हुए है तभी तो ये सटोरिये पुलिस की छवि धुमिल करने में नही छुकते है और कहते फिरते है पुलिस तो 500-500 रूपयें में बिकती है। इनमें से कई लोग नम के गुर्गे है अगर झाबुआ पुलिस चाहे तो सख्ती से कार्रवाई कर सकती है मगर ऐसा नही हो पा रहा है। इसलिए अब पुलिस अधीक्षक महोदय को ही इस ओर ध्यान देना होगा… एक बार नम जैसे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई की गई तो कई लोगों के चेहरे उजागर होगे… जो अपने आप को समाजसेवी या फिर नेता कहते है उनके काले चेहरे भी उजागर होंगे… कौन है इनके पीछे और अपराध करने के लिए कैसे बन जाते है ये पत्रकार… ये अगले अंक में…!

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