शास्त्र, शस्त्र और संगीत के धनी थे श्री गुरु तेगबहादुर जी- डॉ सरदार हरमहेन्द्र सिंह बेदी

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श्री गुरु तेगनबहादुर जी को अपनी स्मृति में लाने का अर्थ भारत के 400 वर्षों को याद करना है। भारतीय विरासत, भारतीय दर्शन, भारतीय चिंतन पर पुनर्विचार करना है। एशिया के समाजशास्त्री, इतिहासकार गुरु तेगबहादुर साहब को अपने अध्ययन में रखकर कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष तक पहुंच रहे हैं। श्री गुरु तेग बहादुर की शाहदत ने भारत ही नहीं पूरे एशिया के देशों में धर्मांतरण की घटनाओं को रोका है। यह बात श्री तेगबहादुर साहिब जी के 400 वे प्रकाश पर्व पर रविन्द्र भवन में आयोजित व्यख्यान एवं लाइट व साउंड कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्तिथ केन्द्रीय विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति पद्मश्री डॉ सरदार हरमहेंद्र सिंह बेदी ने कही।उन्होंने कहा कि गुरु तेगबहादुर सिंह एशिया के पहले महापुरुष है, जिन्होंने पूरे विश्व को भय की राजनीति से मुक्त करने के लिए आव्हन किया। विश्व भर में देश गुरु तेगबहादुर की वाणी की को अपनी भाषाओँ में अध्ययन करा रहे हैं। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन दर्शन, शहीदी, वाणी की विलक्षणता के महत्त्व पर बोलते हुए उनके जीवन की प्रासंगिकता समझकार उनकी वाणी से सीखने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि श्री गुरुतेगबहादुर जी शास्त्र, शस्त्र और संगीत के धनी थे।बेदी ने गुरु तेगबहादुर साहिब की वाणी के प्रभाव की व्याख्या करते हुए मृत्यु उपरांत शोक में डूबे लोगों को उनकी रचनाओं से जीवन को पुनः शुरुआत करने की बात बताई।उक्त कार्यक्रम की शुरुआत में मंच पर भारतमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित की गयी। जिसके बाद पंजाबी साहित्य अकादमी की वेबसाइट का विमोचन मननीय मंगु भाई पटेल ने वेबसाइट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया।कार्यक्रम की प्रस्तावना पीएस बिंद्रा, स्वागत भाषण जगजीत कौर नीरु ज्ञानी द्वारा प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम का समापन माननीय राज्यपाल मंगु भाई पटेल के अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ किया गया। इस दौरान केबिनेट मंत्री हरदीप सिंह डंग, संस्कृति मंत्रालय के आदित्य कुमार त्रिपाठी, सिमरन कौर, डॉ चरणजीत कौर द्वारा किया गया। आयोजन समिति के सदस्य निमेष सेठ द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

अपनी पीढ़ियों को राष्ट्र, धर्म के लिये का बलिदान- साध्वी
कार्यक्रम में आयीं भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि प्रकाश पर्व देश-प्रदेश के लिए सच में प्रकाश लेकर आता है। उन्होंने अपनी पीढ़ियों को राष्ट्र, धर्म के लिये का बलिदान करने की बात कही। उन्होंने सभी के साथ जीवन सार्थक होता है- राष्ट्र, धर्म के लिए जीने और बलिदान करने की उन्होंने बात कही। इसके साथ ही उन्होंने गुरू तेगबहादुर जी को भारत से जोड़ते हुए कहा कि भारत के अखंड था, अखंड रहेगा।

भव्य लाइट, साउंड कार्यक्रम का हुआ आयोजन,रंगमंचीय कार्यक्रम हुआ संपन्न
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से आयोजित हुए इस समारोह में भव्य लाइट व साउंड कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसके साथ ही पर प्रकट भए गुरु तेग बहादुर जी नामक रंगमंचीय आयोजन किया गया। जिसको देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। उक्त समारोह में सीहोर, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुर सहित भोपाल महानगर एवं आसपास के सिख संगत समेत अन्य समाज बंधु भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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