कलेक्टर मिश्रा ने की हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल बोर्ड परीक्षा के परिणाम पर अप्रशन्नता व्यक्त

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कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सायं 4.30 बजे से 07 मई 2022 को, जिलें की सभी विभागीय संस्थाओं के बोर्ड परीक्षा परिणाम वर्ष 2022 (हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी) की समीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी।
सर्वप्रथम कलेक्टर सोमेश मिश्रा द्वारा झाबुआ जिलें के परिणाम की तुलना अन्य जिले से करते हुऐ, झाबुआ जिलें के खराब प्रदर्शन पर असंतोष प्रकट किया। असंतोष जनक परिणाम के लिए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए जिसमें 25 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले संस्था प्रमुखों की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के साथ ही आगामी माह में उनके 10 दिन के वेतन कटौत्री करने की शास्ति अधिरोपित की जाएगी। 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच परीक्षा परिणाम वाले संस्था प्रमुखों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने के साथ आगामी माह में उनके 07 दिन के वेतन कटौत्री करने की शास्ति अधिरोपित की जावेगी। ऐसे संस्था प्रमुखों को अपना मासिक कार्य विवरणिका(एसेसमेंट) प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा। 50 प्रतिशत से 70 प्रतिशत के बीच परीक्षा परिणाम वाले संस्था प्रमुखों का आगामी माह में 03 दिन के वेतन कटौत्री करने की शास्ति अधिरोपित की जाऐगी। 80 प्रतिशत से अधिक परिणाम वाले संस्था प्रमुखों को सम्मानित किया गया। जिन संस्था प्रभारियों के द्वारा बहुत घटिया परिणाम प्राप्त किया गया उनकों पद से हटाया जाकर,गुणवत्ता एवं मापदण्ड के आधार पर अच्चे शिक्षकों को प्रभारी बनाने के लिये सहायक आयुक्त को निर्देश प्रदान किये गये। 25 प्रतिशत से कम परिणाम वाली संस्थाओं के प्रभारियों के लिये गुणवत्ता परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिसमें अनुत्तीर्ण होने पर कार्यवाही की जाएगी। 25 प्रतिशत से कम परिणाम वाली संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को आगामी वर्ष में नहीं रखने व 50 प्रतिशत तक परिणाम वाली संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से गुणवत्ता चयन उपरांत ही रखने के निर्देश प्रदान किये गये।
उक्त अनुशासनात्मक कार्यवाहियों के संबंध में बैठक में उपस्थित प्राचार्यो द्वारा अपनी मौन स्वीकृति प्रदान की गई।कलेक्टर मिश्रा द्वारा जिलें के परीक्षा परिणाम को निराशाजनक बताया जाकर, शिक्षा गुणवत्ता एवं परीक्षा परिणाम सुधार हेतु सभी एस.डी.एम.को अपने क्षेत्र में कार्य करने,बी.ई.ओ. व बी.आर.सी.से फीडबैक लेकर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए।
सभी बी.ई.ओ. को अपने विकास खण्ड की संस्थाओं के परीक्षा परिणाम की समीक्षा कर,अपने क्षेत्र के एस.डी.एम.को सम्पूर्ण स्थिति,कारणों एवं सुधार संबंधी उपायों के साथ 3 दिन में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया एवं सभी एस.डी.एम.को को उनके क्षैत्र की संस्थाओं के परिणामों की समीक्षा कर, अच्छे परिणाम वाले संस्था प्रभारियों,शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों को सम्मिलित कर समिति बनाकर,खराब परिणाम वाले संस्था प्रभारी के पुनर्मूल्यांकन हेतु वरिष्ठता,परिणाम,व्यवहार,सी.आर.आदि को सम्मिलित कर न्यूनतम अर्हता संबंधी मापदण्ड तय करने व अनुशंसा सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किये गये। बालिका विद्यालयों हेतु महिला शिक्षकों के प्रस्ताव प्राथमिकता क्रम में सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात सभी संस्थाओं के परीक्षा परिणाम की विकास खण्डवार समीक्षा की गई,जिसके अंतर्गत,80 प्रतिशत से अधिक परिणाम वाली संस्थाओं के प्रभारियों की सराहना की गई। साथ ही 30 प्रतिशत से नीचे परिणाम वाले प्राचार्यो से उनके खराब परिणाम के कारणों पर एक-एक कर चर्चा की व संतोषप्रद उत्तर नहीं देने वाले प्रभारियों पर नाराजगी भी जाहिर की गई।
कलेक्टर मिश्रा द्वारा खराब परीक्षा परिणाम के कारणों व उसके उपाय एवं आगामी सत्र की तैयारियों पर तैयार पी.पी.टी.में अंकित बिन्दुओं की समीक्षा की गई व पूरक परीक्षा के संबंध में निर्देश दिए गए।आगामी जून में आयोजित पूरक परीक्षा हेतु सभी संस्था प्रमुख अपनी संस्था के पूरक प्राप्त छात्र-छात्राओं के फार्म 10 मई के पूर्वतक अनिवार्य रूप से भरवाना सुनिश्चित करें। पूरक परीक्षा में अधिक से अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण हो सके,इसके लिये विकास खण्ड/संस्थावार अध्यापन की कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने एवं उस पर कार्य करने के निर्देश प्रदान किये गये। पूरक परीक्षाओं हेतु कक्षाओं का संचालन 15 मई से प्रारंभ करने के भी निर्देश प्रदान किये गये। पूरक परीक्षा में जिलें को हाईस्कूल में 10 प्रतिशत से अधिक एवं हायर सेकेण्डरी में 18 प्रतिशत से अधिक परिणाम वृद्धि प्राप्त करने का लक्ष्य प्रदान किया गया। पूरक परीक्षा के परिणाम उपरांत पुनः समीक्षा करने के निर्देश दिए गये।
कलेक्टर मिश्रा ने आगामी सत्र में परीक्षा परिणाम सुधार व शिक्षा गुणवत्ता में अभिवृद्धि हेतु निर्देश दिए। जिलें की संस्थाओं की प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु जिला स्तरीय एडवाईजरी/ सुपरवाईजर कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें अच्छे परीक्षा परिणाम व उच्च मापदण्ड वाले वाले संस्था प्रमुखों/शिक्षकों को सम्मिलित किया जावेगा। उनमें से एक-एक शिक्षकां को विकास खण्ड का नोडल बनाया जाएगा। उनके द्वारा दिये गये सुझाव एवं समस्याओं पर प्रत्येक टी.एल.में चर्चा की जाएगी। ये सभी शिक्षक,अपनी संस्था/शैक्षणिक कार्य के साथ उक्त गतिविधियां संपादित करेंगें। शिक्षा संबंधी संचालित एप में नियमित जानकारियां भरी जाये। पढाई से संबंधित प्रत्येक माड्यूल का एक नोडल बनाया जाए,जो प्रतिदिन की गतिविधियों का सूक्ष्म निरीक्षण कर डिफाल्टर की जानकारी प्रदान कर सकें एवं सभी विद्यालयों अपनी संस्था के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का व्हाट्स एप गुप बनायेंगें उसमें पढाई से संबंधित विडियो,पी.डी.एफ.अन्य कन्टेन्ट डाले जाएंगें।
13 जून से नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ होगा, अतः सभी संस्थाओं में बच्चों के प्रवेश की कार्यवाही सत्रारंभ से पूर्ण की जाए। पालकों एवं विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व,शासन व विभाग की योजनाओं-छात्रवृत्ति,के फायदों के बारे में बताते हुए, पालकों एवं विद्यार्थियों के संस्था में नहीं आने संबंधी तर्को/समस्याओं के निवारण हेतु एक प्रश्नावली निर्मित की जाए।उसके आधार पर संस्था में प्रवेश लेने व प्रतिदिन विद्यालय आने के लिये प्रेरित किया जाए।सभी संस्थाऐं निर्धारित समय पर खुले एवं उसमें शिक्षक समय पर उपस्थित हो,निर्धारित टाईम टेबल अनुसार,कक्षाओं एवं अन्य गतिविधियों का संचालन हों। संस्थाओं में ब्लू प्रिण्ट के मान से अध्यापन हो,व पाठ्यक्रम निर्धारित समय पर पूर्ण कराया जाए। ब्लू प्रिण्ट की प्रति विद्यार्थियों को माह जून सत्रारंभ में ही उपलब्ध कराई जावें। प्रति सप्ताह अंतिम दिवस के उत्तरार्ध में इस सप्ताह की पढ़ाई का रिविजन कराया जाए एवं सप्ताह अंत में उसका टेस्ट लिया जाए। उसी तरह प्रतिमाह ब्लू प्रिण्ट के आधार पर टेस्ट आयोजित किये जाए। टेस्ट में आने वाले अंकांं का रिकार्ड रखा जाए,उसके आधार पर विद्यार्थियों की ग्रेडिंग की जाकर,उनके परीक्षा परिणाम सुधार हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।जिन संस्थाओं में कक्षों की उपलब्धता हैं। वहां स्टडी रूम बनाया जाए,जिसमेंं विद्यार्थी नियमित कक्षा उपरांत अध्ययन व गृह कार्य कर सके बी.ई.ओ.,बी.आर.सी.,बी.ए.सी.,जनशिक्षक एवं अन्य अकादमिक पदों के शिक्षक कर्मचारी प्रतिदिन पढ़ाई करवायेंगें। जिलें के सभी अधिकारियों को भी एक-एक विद्यालय आवंटित किये जाएंगें वे अपनी रूचि अनुसार वहां अध्यापन कार्य कराएंगें।बैठक में सहायक आयुक्त द्वारा पी.पी.टी.के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता अभिवृद्धि हेतु कार्ययोजना प्रस्तुत की। जिसका पालन करने हेतु आवश्यक निर्देश कलेक्टर महोदय द्वारा प्रदान किये गये। विद्यार्थियों के लिये अध्ययन में आ रही कठिनाईयों के निवारण हेतु समाधान ऑन कॉल गु्रप एवं समाधान ऑन स्पॉट ग्रुप बनाने संबंधी नवाचार की सराहना करते हुऐ,उसकी सूची प्रत्येक विकास खण्ड,शाला एवं विद्यार्थी तक पहुंचाने के निर्देश प्रदान किये गये,ताकि विद्यार्थी विषय शिक्षक से अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकें। प्राचार्य गणों एवं विभागीय शिक्षको के द्वारा पूरक परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को उत्तीर्ण कराने व आगामी सत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर उच्च परिणाम प्रदान करने हेतु अपना संकल्प सहायक आयुक्त के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सिद्धार्थ जैन,संयुक्त कलेक्टर सुनिल कुमार झा, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग प्रशान्त आर्या,डी.पी.सी.सर्व शिक्षा अभियान रालूसिंह सिंगार, एस.डी.एम.झाबुआ एल.एन.गर्ग, डिप्टी कलेक्टर तरूण जैन,विकास खण्ड के समस्त बी.ई.ओ., संस्थाओं के प्राचार्य/संस्था प्रमुख इनके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी, एस.डी.एम.थांदला,मेघनगर वी.सी.के माध्यम से बैठक में उपस्थित

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