आदिवासियों से की जा रही है खुलेआम ठगी..प्रशासन मोन?

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आदिवासी बाहुल्य जिला झाबुआ में इस दिनों ग्रामीण क्षेत्रों शादी ब्याह का माहौल जारी है..ऐसे में आने जाने वाले मेहमानों की खातीरदारी में शीतल पेय परोसी जाती है… ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकत थम्स अप और लिम्का का चलन ज्यादा है उसके बाद माजा, फेन्टा स्प्राईट आते है… ऐसे में इन शीतल पेय के ऐजेन्सी संचालकों में अपने गोदामों में ये शीतल पेय छुपा के रख रखे है और फिर मंहगे दामों में विक्रय कर रहे है। विशेष तौर पर थम्सअप व लिम्का के ऐजेन्सी संचालकों द्वारा ये किया जा रहा है… निचले स्तर के दुकानदारों को तो ये थम्स अप और लिम्का देने से मना कर देते है और अगर देते है… दबी जुंबा से कुछ दुकानदार कहते नजर आ रहे है शादी ब्याह का माहौल देख स्पलायरों ने लुट मचा रखी है… थम्सअप और लिम्बा होने के बावजुद भी मना कर देते है… और नापतोल विभाग भी इस और ध्यान नही देता… सुना है नापतोल विभाग और इन सप्लायरों की अच्छी खासी सेटिंग है… और ये सप्लायर इन्हे लक्ष्मी यंत्रों की सौगात देते है… ऐसे में हमें मंहगे दामों पर ये शीतल पेय मिले तो हम भी क्या कर सकते है कि हमें भी मंहगे दामों में बेचनी पडेगी…नापतोल विभाग को इन सप्लायरों पर कार्रवाई करनी चाहिए और इनके गोदामों की जांच करनी चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों की बजाय इन सप्लायरों पर कार्रवाई हो… और जो ग्रामीण क्षेत्रों से इन शीतल पेय की खरीदी के लिए आते है वो इनकी लुट से बच सके। इन सप्लायरों को मालुम है कि अभी ग्रामीण क्षेत्रों में शादी ब्याह का माहौल है ऐसे में ये अपने गोदामों में सामान छुपा कर महंगे दामों में बेच रहे है अब देखना यह है कि जिम्मेदार इनके गोदामों की जांच करता है या फिर छोटे तबके के व्यापारियों पर ही कार्रवाई करता है।

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