ईद-उल-फितर की नमाज में उठे सैकड़ों हाथ, देश में एकता व खुशहाली की मांगी दुआएं

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पेटलावद से सुरेश मुलेवा

कोरोना के संक्रमण के चलते दो साल तक लोगो को ईद घरों में रहकर मनानी पड़ी थी, लेकिन अब संक्रमण कम होने के बाद पाबंदियां हटते ही सभी पर्वो में रौनक नजर आ रही है। मुस्लिम समाजजनों ने भी ईद का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया। ईद की नमाज तय समय में पुरानी ईदगाह में सामूहिक रूप से अदा हुई। नमाज इमाम साहब ने अदा करवाई। ईदगाह में जगह कम पड़ी तो कुछ लोगों ने ईदगाह के बाहर नमाज अदा की। ऐसा माना जाता है कि ईद की नमाज खुले आसमान के नीचे पढ़ने का हुक्म है। विशेष परिस्थितियों में ही छत के नीचे नमाज अदा की जाती है। परंपरा के अनुसार ईद के मौके पर लोगों ने दो रकाअत में नमाज अदा की। इसके बाद खुतबा पढ़ा गया। नमाज के बाद सेवईयां का दौर चला। सभी ने एक-दूसरे को ईद की बधाई दी। इसी के साथ मुबारकबाद का दौर दिनभर घर-घर बाजार में चलता रहा। अधिकांश नमाजी वहां से अपने पूर्वजों की कब्र पर गए और वहां फातिहा पढ़कर उनके लिए अल्लाह पाक से दुआएं की।
इंसान को इंसान की भलाई में ही कार्य करने चाहिए-
शहर के इमाम मोलाना हसरत रजा साहब ने ईद के दौरान तकरीर में समाजजनो के बीच कहा कि ईद रोजा रखने वालों को खुदा की तरफ से दिया गया तोहफा है। सब आपस में भाईचारा बनाकर रखें और देश के प्रति वफादार रहें। इंसानियत से बढकर कोई धर्म नही है। इंसान को इंसान की भलाई में ही कार्य करने चाहिए। ईद का पर्व हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिशाल पेश करता है। ईद पर हर शक्स एक-दूसरे को जो मुबारकबाद देता है वह इस बात का सबूत है कि हम धर्म के साथ अपने वतन से भी प्यार करें और अच्छे इंसान बनें। हिन्द, मुस्लिम, सिख, ईसाई, यह सब अलग-अलग मजहब है, लेकिन उसके पहले हम सब भारतीय है, यदि हम सब मिलकर रहेंगे तो दुनिया की कोई ताकत हमें तोड़ नहीं सकती।
मांगी रब से अमन-चैन की दुआ-
ए अल्लाह हमारे मादरे वतन हिन्दुस्तान में अमन-चैन आपस में मोहब्बत, भाईचारा और खुशहाली पैदा फरमा। ए अल्लाह हमारे मुल्क की दुश्मनों की नजर से हिफाजत फरमा और मुल्क के शरपसंद लोगों से महफूज रख। लोगों की जान-माल को खतरा पैदा करने वाले लोगों से निजात दिला। हमारे मुल्क के अमन और भाईचारे को किसी की नजर न लगे, ऐसी दुआ ईद की नमाज के बाद मौजूद मुस्लिम समाजजन ने अल्लाह से मांगी।
प्रशासन की रही निगरानी-
नमाज के समय एसडीओपी सोनू डावर, तहसीलदार जगदीष वर्मा, टीआई सुरेंद्र गाडरिया के साथ पुलिस ओर प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी पूरे समय निगरानी रखते हुए अलर्ट रहे। इसी के साथ ईद की नमाज होते ही सभी अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों और समाजजनों को ईद की मुबारकबाद दी।
ईदगाह की मिनार ढहने का बना रहा खतरा-
इस बार ईद की नमाज के दौरान एक खतरा सभी पर मंडरा रहा था। वह था वर्षो पुरानी ईदगाह की मिनार के गिरने का। गौरतलब है कि पिछले तीन-चार सालों से ईद की मिनार गिरने जैसी स्थिति में हो रही है। मिनार के जिस तरफ झुक रही है उसी तरफ आम रास्ता जा रहा है। अगर यह मिनार की दीवार अचानक ढह गई तो एक बड़ी जनहानि से इंकार नही किया जा सकता हैं। पुलिस जवान ईदगाह के दोनो रास्तों पर मौजूद रहे और जब तक ईद की नमाज अदा नही हुई, तब तक उस रास्ते से किसी को आने-जाने नही दिया गया। समाज के सदर राहिल रजा मंसूरी का कहना है कि इस संबंध में हमनें बीते वर्षो में कई बार आवेदन दे चुके है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर कोई कार्रवाई अभी तक नही की है। हमारी प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द इस ओर त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी जनहानि को बचाया जा सके।

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