हवस के दरिन्दे हेड साब पर होनी चाहिए थी कडी कार्रवाई

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वाॅइस ऑफ झाबुआ

अगर पुलिस विभाग की महिला ही पुलिस से ही सुरक्षित नही है तो आम महिलाएं कैसे पुलिसिया राज में कैसे सुरक्षित रह सकती है। ये बडा सोचनिय विषय है… और सजा मात्र लाईन अटैज… वाह पुलिस प्रषासन वाह…. मतलब साफ है… हाल ही में 8 मार्च को मनाया गया महिला दिवस सिर्फ दिखावा था… या फिर औपचारिकता…. ऐसा लगता है महिला सुरक्षा… महिला कानुन का जो ये ढिन्ढोरा पीटा जा रहा है वो सिर्फ कागजों में ही अच्छा लगता है धरातल पर कुछ भी नही।
वो कहते है ना एक मछली पुरे तालाब को गंदा करती है उसी तरह एक खाकी वाले की वजह से पुरी खाकी कौम बदनाम हो रही है। बिते दिनों एक खाकी वाले ने दुसरे खाकी वाले की ऐसी धुनाई की कि इस हवस के दरिन्दे ने पेन्ट में ही सुसु छिछी कर दी… मतलब ये भी कम था… सुत्रों के अनुसार पिटोल क्षेत्र में हाईवे स्थित एक होटल पर एक आरक्षक ने हेड साहब के बीच विवाद हो गया… विवाद इतना बडा था जिससे पुरी पुलिस कौम से जनता का विष्वास उठने लगा है… सुत्रों का यह भी कहना है ये हवस का दरिन्दा हेड साब अपने अधिनस्थ कर्मी को नाईट डयुटी लगा कर… रात में अधिनस्थ के कमरे पर पहुंचा…. जहां उसकी धर्म पत्नि किराये से रहती है… साहब थे इसलिए महिला ने पर उनका आदर सत्कार किया… मगर महिला को क्या पता था कि हवस के दरिन्दे साहब की उसकी अस्मीता पर नजर थी…. और ये हवस का दरिन्दा अचानक से कमरे पर रात गुजारने की बात कहने लगा… महिला तुरंत कमरे से बाहर निकल भागी और अपने मकान मालिक के यहां पहुंच इस हवस के दरिन्दे की बुरी नियत की बात बताई… तभी आस पास के लोगों ने इस हवस के दरिन्दे को रवानगी दिलवाई। जिसके बाद महिला ने इस संबंध में तुरंत अपने पति को जानकारी दी।
जिसके बाद अगली शाम सागर होटल पर अधिनस्थ और हवस का दरिन्दा हेड साब आमने सामने हुए तो पति ने हेड साब की जमकर धुनाई कर दी और पुरी आप बिती आवेदन के साथ कप्तान को सुनाई…. मगर शर्म की बात तो यह है कि कप्तान साहब ने आवेदन तो लिया मगर इस हवस के दरिन्दे हेडसाब को लाईन अटैच कर इतिश्री कर दी… क्या ऐसी सजा नीच पापी दुराचारी भाव वाले के लिए काफी होगी… जो जहां रहा वहां महिलाओं पर बुरी नजर डालता रहा।
सुत्रों के अनुसार जब ये हवसी झाबुआ एसडीएम कार्यालय में कार्यरत था तब भी इसने एक महिला के साथ छेडखानी की थी… महिला इतनी परेषान हो गई थी कि महिला के परिजन गाडी भरकर इसे ठोकने आये थे पर ये वहां से भाग निकला…. ये जहां जहां रहा वहां पर इसने महिलाओं पर बुरी नजर डाली अब बात करें हरी नगर की जहां रहते हुए थाने के पीछे एक शादी का कार्यक्रम चल रहा था वहां जांच पहले इसने शराब की उसके बाद वहीं की एक महिला के साथ छेडछाड की… जिसके चलते इसकी वहां पर भी धुनाई कर दी गई। अब पिटोल में जिस मकान में रहता था वहां पर भी इसकी बुरी नियत बहन बेटियों की अस्मिता पर गई… नजर तो बुरी थी और सभी ने भाप ली थी इसी वजह से इस हवसी को मकान खाली करवा दिया गया। मकान खाली करवाया ही था कि इसने अपने विभाग में बुरी नियत डाली…
जिले की जनता का कहना है कप्तान ने हाल ही में महिला दिवस पर महिला कर्मियों का सम्मान किया… मगर सोचनीय बात तो यह है कि उन्ही के विभाग के हवसी ने जो कांड किया और उसे सिर्फ लाईन अटेज की ही सजा देना… ये दर्षाता है कि यहां विभाग की महिलाएं ही सुरक्षित नही है….इतनी छोटी सजा… पुरे विभाग की महिलाओं के लिए आत्मसम्मान की क्षति है… ऐसे हवस के दरिन्दे को तो तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए था… भले ही नेता नगरी का दबाव हो… मगर आज एक छोटे कमी के साथ हुए है… कल दुसरे के साथ भी हो सकता है…. अपने घरों में भी बन बेटियां है… ये आत्म सम्मान की बात है… जिसके लिए कप्तान को सोचना जरूरी है… नेता नगरी तो दबाव बनाते रहेंगे… खाकी का क्या फर्ज है वो तो ईमादारी से निभाओ…।

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