हर मोर्चे खाली के खाली… घर घर तो दूर कार्यकर्ताओ तक भी नही पहुच रही कांग्रेस

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सुरसुरी ☺️☺️
प्रद्युम्न वैरागी

झाबुआ में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में 60 लोग भी जमा नहीं हो पाए। ये बैठक घर चलो घर-घर चलो अभियान और महा सदस्यता अभियान को लेकर थी। झाबुआ में आयोजित इस बैठक में कांग्रेसी भीड़ नहीं जुटा पाएं। आलम ये था कि झाबुआ विधायक और पूर्व पीसीसी अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया समेत जिले के बड़े नेता कार्यकर्ताओं का इंतजार करते नजर आए।

कांग्रेस का महा सदस्यता अभियान का कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होना था लेकिन 1 बजे तक कुर्सियां खाली ही रहीं। मजबूरन सीमित संख्या में कार्यक्रम को शुरू करना पड़ा। बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली थी और मंच पर कांतिलाल भूरिया समेत बड़े नेता मौजूद थे। पेटलावद विधायक वालसिंह मेड़ा बैठक में अकेले पहुंचे तो थांदला विधायक वीरसिंह भूरिया बैठक में मेघनगर के दो लोगों के साथ कार्यक्रम शुरू होने के बाद पहुंचे।

कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम में ना आना मंच पर बैठे कांग्रेस के पदाधिकारियों की आंखो में भी चुभ रही थी। यही वजह थी कि मंच पर जब भाषण देने की बारी आई तो हर कोई सफाई देते नजर आया कि अभी शादियां चल रही हैं इसलिए कार्यकर्ता कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए हैं। कांग्रेस नेताओं की सफाई को मान भी लें तो सवाल ये हैं कि झाबुआ शहर के कांग्रेस कार्यकर्ता क्यों नहीं पहुंचे। झाबुआ नगरपालिका में कांग्रेस समर्थित परिषद् है लेकिन कई कांग्रेस पार्षद भी नदारद रहे।

कार्यकर्ता अब बोर हो चुका है

जिंहा झाबुआ जिले कोंग्रेस कार्यकर्ता अब बोर सा हो चुका है एक ही एक भाषण सिर्फ हर बार बैठक में बुलाना ओर इतिश्री कर लेना न मान न सम्मान ….ओर तो ओर लगातार बर्षो से एक ही कोंग्रेस जिला अध्यक्ष जो न कार्यकर्ताओ को जानते है न कार्यकर्ताओ की सुन पाते है ऐसे में अब कार्यकर्ता परेशान सा हो चुका है…..न तो कोंग्रेस नए अध्यक्ष की घोषणा कर पा रही है न ब्लाक अध्यक्षो की घोषणा ऐसे में अब कार्यकर्ता बैठक में कहा से आएंगे कोंग्रेस में जब भी बैठक होती है सूचनाएं सिर्फ व्हाट्सप पर ही दी जाती है ऐसे में कार्यकर्ता अपने आप को अपमानित सा महसूस करता है कि क्या अब हमारे ऐसे दिन आ गए।

जब आपकी कार्यकारिणी ही नही बनी जब नया अध्यक्ष होगा नए ब्लाक अध्यक्ष होंगे तब वो कार्यकर्ताओ को टीम में।शामिल करेंगे तभी कार्यकर्ताओ की टीम बनेगी ओर उन्हें पार्टी में दायित्व के साथ सम्मान भी मिलेगा और जिम्मेदारी भी ….खेर यह तो कोंगरर्स6 पार्टी का आपसी मसला है हम तो सिर्फ कल की जो तस्वीर थी वो देखी नही गई….

कोंग्रेस पार्टी सोशल मीडिया पर अब तक एक्टिव नही हो सकी है सिर्फ यहाँ हवा हवाई ही सबकुछ चल रहा है भाजपा डिजिटल होकर आज सबसे बड़ी पार्टी बन गई है और उसे कार्यकर्ताओ की पार्टी कहा जाता है जबकि कोंग्रेस में ऐसा नही है यहा साहब ….को भृमित करने वाले ऐसे लोग है जो सिर्फ अपना स्वार्थ देख रहे है पार्टी का नही अगर ऐसे ही नदी नेता सिर्फ अपना स्वार्थ देखते रहे तो पार्टी को कोई झंडा उठाने वाला कार्यकर्ता नही मिलेगा अभी भी वक्त है संगठन को मजबूत करने का ….. कोंग्रेस में इतने सारे मोर्चे है जिस में हर विरिष्ट से लेकर युवा कार्यकर्ताओ को एक्जेस किया का सकता है तभी उनका मनोबल भी बढ़ेगा और जिम्मेदारी से कार्य भी होगा …..ये सब बाटे कोंग्रेस पार्टी में बैठे विरिष्ट को सोचना है हमारा काम था सच का आईना दिखाना ….

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