अगर पुलिस वास्तविक जांच करे तो ही सच्चाई आएगी सामने

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झाबुआ। विगत 25 फरवरी को ग्राम पिपलीपाड़ा के श्री सावनसिंह पिता नानसिंह बिलवाल की हत्या हुई थी । उक्त हत्याकांड की जाॅच झाबुआ पुलिस द्वारा की गई । उक्त हत्या करने वालों में पुलिस के द्वारा ग्राम पिपलीपाड़ा के निवासी सोमसिंह पिता थावरिया भूरिया एवं परम पिता गुलसिंह कटारा को गिरफ््तार किया गया एवं आरोपियों के द्वारा उक्त हत्याकांड को अंजाम देना बताया गया । मृत श्री सावनसिंह के भाई पूर्व विधायक शांतिलाल बिलवाल, उदय बिलवाल एवं रामसिंह बिलवाल ने आरोप लगाते हुए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाही पर असंतोष व्यक्त करते हुए बताया है कि उक्त हत्याकांड केे संबंध में पुलिस के द्वारा यह खुलासा किया गया है, कि आरोपियों के द्वारा मृतक सावनसिंह बिलवाल को जान से मारने के इरादे से टेªक्टर पर बैठाकर बे्रक लगाकर गिराकर मारा जाना बताया गया है ।

उक्त जानकारी देते हुए मृतक सावनसिंह बिलवाल के छोटे भाई शान्तिलाल बिलवाल, रामसिंह बिलवाल एवं उदयसिंह बिलवाल के द्वारा बताया गया कि मेरे भाई की हत्या की जाॅंच झाबुआ पुलिस के द्वारा की गई है जिसमें पुलिस के द्वारा कई तथ्यों को स्पष्ट नहीं किया गया है । उन्होने कहा कि यदि हमारे भाई को ट्रेक्टर से गिराकर हत्या की गई है, तो यदि मृतक सावनसिंह बिलवाल दाहिनी साईड गिरते हैं, तो उनके सिर एवं बाॅडी पर दाहिनी साईड चोट रहती ।, बाॅंयी साईड गिरते तो बाॅंयी ओर सिर एवं बाॅडी पर चोट लगती यदि की ओर गिरते तो बाॅडी एवं सिर पर आगे की चोट रहती और पीछे साईड गिरते है, तो सिर एवं बाॅडी पर पीछे साईड चोट के निशान रहते । जबकि ऐसा कुछ नहीं है, मेरे भाई के शरीर एवं सिर पर चारों तरफ गंभीर चोट के निशान पाये गये, जिससे यह स्पष्ट है, उनकी हत्या टेªक्टर से गिराकर नहीं बल्कि किसी हथियार या लोहे की राड़ या लोहे के फावड़े से की गई है ।
इनका कहना है जिस जगह से टेªक्टर से गिराकर हत्या करना बताया गया उस जगह पर खून की एक बुॅंद भी नहीं पाई गई । जिस जगह टेªक्टर से गिराकर हत्या कर आरोपियांें के द्वारा वापस जाना बताया गया है, उस जगह पर सी.सी. रोड़ इतना सकड़ा है, कि उस स्थान पर कार भी नहीं पलटा सकते तो टेªक्टर जैसे बड़े वाहन को वापस पलटाकर कैसे वापस ले जाया गया । इसके अतिरिक्त यदि मेरे भाई टैªक्टर से आगे की ओर गिरता तो बीच के पहियों के नीचे आ जाता, यदि पीछे की ओर गिरता तो ट्राली के पहियों के नीचे आकर उनकी मौत हो जाती एवं बाॅडी कुचलने जैसी हो जाती ।
बिलवाल भाईयो का कहना है कि हमारे भाई के सिर पर जिस जगह चोट लगी है, उस घाव के आस-पास के बाल कटे हुऐ पाये गये, कमर एवं पीठ पर घसीटने की चोट, लट्ठ के निशान पाये गये । कमर के पीछे दाॅंत से काटने के निशान भी थे । हमारेे भाई के साथ आरोपियों के द्वारा मारपीट की गई है । मारपीट में किस हथियार या साधन का उपयोग किया गया है, यह खुलासा नहीं किया गया है । उनका आरोप है कि हत्या के स्थान पर खुन नहीं पाया जाने से भी स्पष्ट के है, कि हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई है । किन्तु पुलिस के द्वारा जाॅंच में इन तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया है ।
बिलवाल परिवार का कहना है कि आरोपी सोमसिंह भूरिया के पिता थावरिया भूरिया भी शराब पीने मे सम्मिलित थे एवं हत्या को अंजाम देकर लाश को फेंकने में सम्मिलित थे, फिर पुलिस के द्वारा थावरिया भूरिया को गिरफ्तार कर पुछताछ कर एफआईआर में नाम दर्ज क्यों नहीं किया गया ।
उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है, कि झाबुआ पुलिस के द्वारा उनके भाई के हत्याकांड उपरोक्त बिन्दुओं का खुलासा नहीं किया गया है । उन्होने मांग की है कि झाबुआ पुलिस उक्त हत्याकांड के महत्वपूर्ण बिन्दुओं का खुलासा करें ।

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