कार्यवाही ढोंग ढकोसले के बाद पुनः चालू हुई मौत की दुकानें। जिला मुख्यचितकित्सक और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्टर के आदेश को उड़ा रहे हवा में। चांद दिनों बाद ही फर्जी बंगाली डॉक्टर अपनी अपनी मौत की दुकानों पर वापस लोट आए है।

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कार्यवाही ढोंग ढकोसले के बाद पुनः चालू हुई मौत की दुकानें।

 

 

जिला मुख्यचितकित्सक और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्टर के आदेश को उड़ा रहे हवा में।

 

 

चांद दिनों बाद ही फर्जी बंगाली डॉक्टर अपनी अपनी मौत की दुकानों पर वापस लोट आए है।

 

 

जितने भी बंगाली आजाद नगर में पकड़ाए थे वो खुल्ले आम धंधा कर रहे है क्लिनिक और हॉस्पिटल चला कर ।

 

 

 

दिलीप सिंह भूरिया

 

 

जिला कलेक्टर माननीय राघवेंद्र सिंह ने बीते सप्ताह बांग्लादेशी फर्जी बंगालि डॉक्टरों के फर्जी हॉस्पिटल और क्लिनिक पर लगातार कार्यवाही के आदेश जिला प्रशासनिक अधिकारियों को दिए थे ।लेकिन जिले भर के सीबीएमओ और बीएमओ ने चिकित्सकों के साथ मिलकर जिले भर से पुलिस अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों के साथ ताबड़तोड़ कार्यवाही की गई और सभी क्लिनिक और हॉस्पिटल बंद करवाए गए और सभी फर्जी बंगाली डॉक्टरों पर कार्यवाही लगातार करने का मीडिया में इंटरव्यू भी बड़े स्तर से चला लेकिन आज एक सप्ताह बाद जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारी राजस्व के अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी चैन की नींद केसे ले सकते है जानकारी अनुसार आज एक सप्ताह बाद सभी बंगाली डॉक्टरों ने अपने अपने क्लिनिक खोल रखे है और पूर्व की तरह ही बेधक इलाज कर रहे है क्या इससे जिला प्रशासन की गैर जिम्मेदाराना रवैया प्रदर्शित नही हो रहा है ।जिले भर में जिला प्रशासन और उसके अधीनस्थ सेकडो अधिकारी और कर्मचारी है जिनको बंगालियों के फर्जी हॉस्पिटल और क्लिनिक को बंद करवाने का लिखित आदेश है लेकिन सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी अपनी आंखे बंद कर सड़क पर चलते है या लक्ष्मी के दम से सभी अधिकारी और कर्मचारी देखते हुवे भी फर्जी हॉस्पिटल और क्लिनिक पर कार्यवाही से क्यों अपने आप को दूर रखते है जिला कलेक्टर महोदय जी जिले के सभी विभाग को एक साथ बुलाकर इनकी बंगालियों डॉक्टरों के प्रति की गई कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी जाए तो आपको पता लगेगा की आपके अधिकारी और कर्मचारियों ने आपको दिखाने के लिए ही कार्यवाही की ओर वो भी दिखावे की कार्यवाही ।बहुत से बंगालि डॉक्टरों को गुप्त कार्यवाही की सूचना भी पूर्व से दे दी जाने से कई बाग भी खड़े हुवे थे ।आज जिले के हर नगर गली और मोहल्लों में फिर से फर्जी डॉक्टरों की मौत की दुकानें संचालित हो रही है जिसको बंद और रोकने के लिए कोई दोष कदम जिला प्रशासन को उठाने की ज्यादा जरूरत है जिला प्रशासन के अधीनस्थ सभी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जिला कलेक्टर के आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल कर लक्ष्मी यंत्र के पीछे भागने लगे है ।

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