ठेकेदार अपने फायदे के लिए ग्रामीण को खिला रहा हे धुला

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@वॉइस   ऑफ   झाबुआ

झाबुआ जिले के थांदला विधानसभा के गांव भामल के ग्रामीण कई सालों से अपनी जिंदगी धूल में बिताते आ रहे है और आज भी उनकी सुबह की शुरुआत से लेकर सुहानी रात तक धूल के गुबार में निकलती है,ग्रामीणों की खर्राटे भरी रातों में भी धूल का धुआं देखने को मिल जाती है,क्रेशर मशीन से उड़ने वाली धूल से फसलों को नुकसान तो हो रहा हे साथ आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

व्यपारी अपने फायदे के लिए गांव को धुला खिला रहा हे?

खवासा से सटी भामल पंचायत में कुछ ग्रामीण धूल में अपनी जिंदगी बिता रहे हे जिसका परिणाम भविष्य में देखने को मिलेगा,खवासा के ठेकेदार कांतिलाल वागरेचा की क्रेशर मशीन से उड़ती धूल से कई बुजुर्ग अभी भी सांस की बीमारी में जकड़े हुए है,अमूनन बुजुर्ग पर इस सांस की बीमारी का ज्यादा प्रभाव ठंड में पड़ता है,लेकिन प्रशासन का सुस्ताना रवैया ग्रामीण के जीवन पर बुरा प्रभाव डाल रहा है,वही खवासा का ठेकेदार अपने फायदे के लिए भामल के ग्रामीण को धुला खिला रहा है।

फसलों के साथ स्वास्थय पर भी प्रभाव डाल रही ठेकेदार कांतिलाल की मशीन

भामल गांव के रूपारेल फलिया की जहां सैकड़ों ग्रामीण आदिवासी वर्षों से वहां अपने मकान बनाकर रह रहे हैं लेकिन 15 से 20 सालों से खवासा के एक ठेकेदार कांतिलाल वागरेचा द्वारा गांव के समीप क्रेशर मशीन डाल दी, इंसान होने के बावजूद भी ठेकेदार कांतिलाल वागरेचा द्वारा दिन-रात क्रेशर मशीन ग्रामीण के बीच में चलाई जा रही है जिससे भोले भाले ग्रामीण और किसानों की रातों की नींद तो हराम हो रही हे साथ ही गिट्टी मशीन से उड़ने वाली धूल के कारण रहवासी का रहना मुश्किल हो गया है,कांतिलाल की मशीन से निकलने वाली धूल से किसानों की फसल तो खराब हो रही हे वही आर्थिक नुकसान भी होने लग गया है।

क्रेशर मशीन से ग्रामीणों का गांव में रहना हुआ मुश्किल

कांतिलाल वागरेचा की क्रेशर मशीन से उड़ रही धूल ने पूरे क्षेत्र में धुआं ही धुआं कर रखा है,उड़ती धूल से ग्रामीण जन,फसल के साथ अब तो पशु पर भी इसका असर पड़ने लग गया हे,कांतिलाल की क्रेशर मशीन का धुला समीप की एक शासकीय स्कूल में भी प्रभाव डाल रहा है स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हे,वही मामले में थांदला एसडीओ को फोन लगाया तो उन्होंने फोन नही उठाया। ठेकेदार की चालाकी अगले अंक में पढ़िए…..

क्या बोले पीड़ित

मामले में जब ग्रामीण जन से बात करी तो उनका कहना था की क्रेशर मशीन के कारण रहना मुश्किल हो गया हे,फसले खराब के चलते आर्थिक नुकसान हो रहा है।

मानसिंग सिंगाड

हम घर में खाना बनाते हैं तो भी क्रेशर की उड़ती धूल आती है, और खाना खाते हैं तो भी उड़ती धूल से परेशान होना पड़ता है, यहां तक कि हमें रात में सोते समय भी क्रेशर की धूल से परेशान होना पड़ता है जिससे हम अधिकतर बीमार रहते हैं।

पारू बाई ग्रामीणजन

 

जिम्मेदार क्या बोले

मामले को लेकर जब अधिकारी से बात करना चाही तो उनका कहना था की जांच की गई है,फिर भी में वरिष्ठ अधिकारी से बात करूगा

अनिल बघेल
नायब तहसीलदार थांदला

वही भामल पंचायत सचिव से बात करना चाही तो उनका कहना था की पंचायत द्वारा भी शिकायत की गई हे परंतु कुछ कार्यवाही नही हु,हकीकत में परेशानी हो रही हे ग्रामीणों को।

लालचंद कटारा
पंचायत सचिव भामल

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