वॉइस ऑफ झाबुआ की खबर का असर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोेग, भोपाल (म.प्र.) ने लिया संज्ञान

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दिलीपसिंह भूरिया

 

 

अलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र के ग्राम रणजीतगढ़के बड़े तालाब में डूबे मुकेश वसुनिया का शव करीब 42 घंटे बाद बीते शनिवार की सुबह बाहर से आई गोताखोर टीम ने खोज निकाला। गुस्साये लोगों ने पोस्टमार्टम नहीं करने दिया। मृतक मुकेश का पीछाकर फायर करने वाले धार जिले की बाग पुलिस पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक जोबट थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि, बाग थाने के दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की जाये। उन्होंने पुलिस पर मुकेश की हत्या करने का आरोप लगाया। उल्लेखनीय है कि अलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत रणजीतगढ़ में एक युवक जिसका नाम मुकेश वसुनिया था, रेत से भरा ट्रैक्टर लेकर जा रहा था, तभी पुलिस ने उसका पीछा किया। मुकेश वसुनिया ट्रैक्टर को छोड़कर पुलिस से बचने के लिये भागा। लगभग डेढ़ किलोमीटर तक भागता रहा और स्थानीय थाना डैम में कूद गया। उसके शव की खोजबीन की गई पर शव नहीं मिला। बीते शनिवार की सुबह से रेस्क्यू टीम ने फिर से सर्च आॅपरेशन शुरू किया। इंदौर और धार की रेस्क्यू टीम द्वारा अंततः मुकेश वसुनिया के शव को बरामद कर लिया गया। ग्रामीण बेहद आक्रोश में थे। जोबट पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिये जोबट लाया जा रहा था, तभी परिजनों नेे थाने पर ही शव को रख दिया और बाग पुलिस के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करने लगे। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक, अलीराजपुर से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।मानवाधिकार आयोग के डिप्टी डायरेक्टर ने वोज के आजाद नगर भाभरा संवाददाता को आदेश के संबंध में एक सूचना मैसेज किया है ।

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