नोटों के चक्कर में स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों की जिंदगी से कर रहा खिलवाड़

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थांदला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बीएमओ अनिल राठौड़ बंगालियों पर हर बार मेहरबान क्यों नहीं कर पाते अवैध क्लीनिक संचालकों पर कार्रवाई यदि किसी अवैध क्लीनिक संचालकों पर बीएमओ अनिल राठौड़ के द्वारा कार्रवाई की जाती है तो भी खानापूर्ति के लिए 2 या 3 जगहों पर दबिश दी जाती है वह भी वहां पर जहां से इनका सेटलमेंट नहीं हो पाता यह सूत्र बताते उसके पश्चात भी उनसे सेटिंग कर छोटा-मोटा केस बनाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है यह तो सोचने का विषय है थांदला नगर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन झोलाछाप डॉक्टरों ने अपने पैर पसार रखे हैं जिससे भी बीएमओ अनिल राठौड़ को अच्छा खासा खर्चा पानी मिलता रहता है क्या जिस कारण राठौड़ उन पर भी कार्रवाई करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं साथ ही आपको यह भी बता दे यहां पर अवैध क्लीनिक संचालकों में अधिकतम जो डॉक्टर बन कर ग्रामीणों की जिंदगी के साथ खेल खेल रहे हैं यदि उनकी जांच पड़ताल की जाए तो कोई आठवीं पास है तो कोई 10वीं फेल या बिना डिग्री के कई झोलाछाप डॉक्टर यहां पर मरीजों का इलाज करते आसानी से दिख जाएंगे साथ ही इन झोलाछाप डॉक्टरों के यहां पर काम करने वाले लड़के प्रैक्टिस कर दवाइयों की थोड़ी बहुत जानकारी लेकर अपने खुद के क्लीनिक संचालित करने लग जाते हैं परंतु हमारे स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ राठौड़ को ग्रामीणों के जीवन और मृत्यु से कोई फर्क नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है उनका तो एक ही उद्देश्य दिखाई देता है भाड़ में जाए जनता अपना काम बनता के सिद्धांतों पर चलने वाले हमारे बीएमओ साहब ना ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी सीएचएमओ जयपाल सिंह ठाकुर की भी नहीं सुनते या फिर बीएमओ अनिल राठौड़ द्वारा सीएचएमओ जयपाल सिंह ठाकुर को टाइम टाइम पर उनका हिस्सा पहुंचा दिया जाता है क्या जिस कारण सीएचएमओ भी चुपचाप सारा तमाशा जिले में बैठे-बैठे देखते रहते हैं साथी एक अवैध क्लिनिक संचालक ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया है कि हमारा कुछ नहीं हो सकता क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हमारे द्वारा टाइम टाइम पर उनका पैकेज पहुंचाया जाता है जिससे कोई भी कार्रवाई होने से पहले हमारे पास सूचना पहुंच जाती है इस प्रकार से चलता आ रहा है स्वास्थ्य विभाग में लीपापोती का कार्य अगले अंक में आप पढ़ेंगे

1 किस प्रकार से हॉस्पिटल में आने वाली सुविधा जनता तक नही पहुंच रही कोन कोन इन सुविधाओ को हड़पने में लगा हे

2 किस प्रकार ₹10 की चीजों को अधिक दामों में खरीद कर शासन को नुकसान पहुंचा कर यह अधिकारी अपने जेब भरने के काम कर रहे हैं

3 अस्पताल में भी उन्होंने किस प्रकार की अव्यवस्था फैला रखी है और आने वाले मरीज हो रहे परेशान

4 किस प्रकार से सभी अवैध क्लीनिक को पर से जांच की रिपोर्ट कौन से लेब से करवाई जाती है और इसके ऊपर किस का दबाव बना हुआ है

5 ग्रामीण इलाकों में क्या है स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था किस प्रकार से चल रही है

6 बीएमओ अनिल राठौड़ का अगला सपना क्या है इसके बारे में पूरी जानकारी अगले अंक में आपको मिलती रहेगी वॉइस ऑफ झाबुआ

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