डीजे बंद करने के लिए चौकी प्रभारी को दिया आवेदन

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@वॉइस   ऑफ   झाबुआ

शादी हो या अन्य कोई कार्यक्रम नाचने के लिए डीजे का पहले प्रबंध किया जाता है,हालांकि डीजे का प्रयोग सबसे ज्यादा ग्रामीणों में होने लगा है,कई तरह के आदेश के बाद भी ना तो जिला प्रशासन बंद करा पाता हे और नाही पुलिस विभाग?पूर्व में भी कोर्ट द्वारा डीजे को लेकर कठिन आदेश दिए थे परंतु निचले स्तर पर सब गोल माल के साथ सेटिंग के चलते डीजे को चलने दिया जाता है।

डीजे बंद करने के लिए चौकी प्रभारी को दिया आवेदन

शोरगुल के साथ अन्य कई परेशनी को लेकर डीजे बंद कराने को लेकर समस्त आदिवासी समाज के द्वारा एक आवेदन चौकी प्रभारी खवासा को दिया हे जिसमे डीजे पर बजने वाले अश्लील गाने चलते है जिससे युवा वर्ग पर प्रभाव पड़ता है,वही आवेदन में संस्कृति,ढोल,मांदल का विलुप्त हो रहा है,वही रात्रि में डीजे चलने के कारण छात्र छात्राओं का पढ़ाई में भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है,साथ ही डीजे के कारण महिलाओं के साथ अपराध भी बड़ रहे हे के साथ एक आवेदन दिया गया,खवासा के समीप भामल पंचायत में ग्राम सभा के माध्यम से डीजे बंद कराने को लेकर एक आवेदन चौकी प्रभारी खवासा को दिया गया जिसमें कई कठोर निर्णय लेते हुए स्पष्ट कहा हे की डीजे बंद नही होता हे तो सबंधित के ऊपर 50हजार रुपए आर्थिक दंड के साथ कानूनी कार्यवाही की जाए के साथ आवेदन चौकी प्रभारी खवासा को दिया गया हे,अब देखना ये है की चौकी प्रभारी जगन्नाथ कनास डीजे को बंद करा पाएंगे या हाथ पर हाथ धरे रहेंगे,अगर क्षेत्र सहित जिले में डीजे पर प्रतिबंध हो जाए तो आर्थिक स्थिति तो अच्छी होगी साथ ही परीक्षा परिणाम भी विपरीत देखने को मिलेंगे,वही मामले में चौकी प्रभारी का कहना था की सूचना होते ही कार्यवाही की जायेगी।

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