कोरोना काल से सबक लेकर म. प्र. के आठ हजार शासकीय स्कूलों के लिये सत्रह हजार टेबलेट

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वॉइस ऑफ झाबुआ

कोरोना जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए स्कूलों को अपग्रेड किया जा रहा है । टैबलेट खरीदी के आदेश स्कूलों को दिए गए हैं , ताकि मुख्यालय द्वारा भेजी जाने वाली पाठ्य सामग्री आदि से बच्चे लाभान्वित हों । इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये – आयुक्त ,अभय वर्मा लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किये थे जिसमे बच्चो की पढ़ाई मे बाधा ना आये कोरोना महामारी के कारण दो से खासकर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई ज्यादा प्रभावित हुई है । आगे इस तरह की परिस्थितियों को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अभी से विशेष इंतजाम करना शुरू कर दिए हैं । अब समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के लगभग आठ हजार स्कूलों के लिए 17 हजार टैबलेट खरीदने का निर्णय लिया गया है । इसमें करीब 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे । आयुक्त , लोक शिक्षण संचालनालय अभय वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं ।

– आदेश में कहा गया है कि टैबलेट ● की खरीदी स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा की जाएगी । जानकारी के अनुसार , राजधानी समेत प्रदेश के 7,874 स्कूलों में 16,895 – टैबलेट खरीदे जाएंगे । एक टैबलेट की कीमत 15 हजार से ज्यादा नहीं – होगी । इसके लिए 10 हजार रुपए – राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के मद से और शेष राशि स्कूल मद से ली जाएगी

इसी प्रकार झाबुआ जिले मे भी प्राचार्यों पर दबाव डालकर जो टैबलेट की खरीदी स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा की जानी है , लेकिन दबाव के चलते सूत्रों का कहना है कि कुछ फर्मों द्वारा प्राचार्यों से यह कहते हुए उनसे टैबलेट खरीदी का दबाव बना दिया है कि ऊपर से आदेश हैं और उनके घर तक टेबलेट पहुँचा दिये गये l

झाबुआ जिले मे हर विभाग के साथ समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत लोक शिक्षण विभाग द्वारा भी जिले मे जमकर भृष्टाचार की गंगा बह रही है उपर बैठे अधिकारीगण एडा बनकर पेड़ा खा रहे हैं, शासन की हर लोक कल्याण कारी योजना में जमकर पलिता लगाया जाता है, झाबुआ जिले को गरीबी मे नम्बर दो पर लाने मे बड़ा हाथ है, जहाँ विकास की भागीरथी गंगा बहनी थी, उस गंगा को भी भृष्टाचार के दल दल मे प्रदूषित कर दी है, याने औरो को बर्बाद कर खुद आबाद हो रहे हैं और एक बार जो अधिकारी झाबुआ जिले में आता है वो फिर जाने का नाम नहीं लेता है और आता है खाली हाथ जाता भी है तो लाव लश्कर लेकर l
हम बात करे तो जिले की स्कूलों मे समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले की समस्त हाई स्कूल, एवं हायर सैकंड्री स्कूलों मे शासन द्वारा टेबलेट खरीदी के आदेश जारी किये गए थे जिसमे
. समग्र शिक्षा अभियान , मध्यप्रदेश ( सेकेण्डरी एजुकेशन ) लोक शिक्षण संचालनालय परिसर गौतम नगर भोपाल प्राचार्य हाई / हायर सेकेण्डरी स्कूल को समग्र शिक्षा अभियान वार्षिक कार्य योजना 2021-22 में स्वीकृत टेबलेट उपकरण क्रय के संबंध में आदेश जारी किया गया । उक्त विषयांतर्गत समग्र शिक्षा अभियान वर्ष 2021-22 की धार्षिक कार्ययोजना में कोविड -19 के परिपेक्ष्य में चिन्हित विद्यालयों में टेबलेट क्रय की स्वीकृति दी गई है । टेबलेट क्रय की कार्यवाही संबंधित विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति ( SMDC ) द्वारा की जाएगी ।
2. सूची में उल्लेखित विद्यालयों की एस.एम.डी.सी. द्वारा निम्नलिखित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए :
टेबलेट क्रय : – ऑनलाईन शैक्षणिक सामग्री की व्यापक उपलब्धता तथा शैक्षणिक मोबाईल एप्प के उपयोग करने की दृष्टि से विद्यालयों में छात्र संख्या के मान से टेबलेट स्वीकृत किए गए है । सूची परिशिष्ट -3 पर उपलब्ध है । संलग्न स्पेशिफिकेशन के अनुसार टेबलेट क्रय किया जाए प्रति टेबलेट अधिकतम राशि रूपये 15,000 का क्रय किया जा सकता है । राशि रू . 10,000 समग्र शिक्षा अभियान से प्रदान की जाएगी एवं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त राशि शाला स्तर पर उपलब्ध स्थानीय / आकस्मिक निधि से व्यय की जा सकेगी । सामग्री का भौतिक सत्यापन क्रय की गई सामग्री के भौतिक सत्यापन हेतु विद्यालय के वरिष्ठतम शिक्षक की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी । टेबलेट का भौतिक सत्यापन विद्यालय की शैक्षिक समिति द्वारा किया जायेगा । सामग्री का तकनीकी सत्यापन तकनीकी सत्यापन हेतु जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखण्ड स्तर पर एक समिति गठित समिति की जाएगी । इस समिति में विकासखंड शिक्षा अधिकारी , जिला ई – गवर्नेस सोसाइटी ( DeGS ) के प्रतिनिधि तथा समग्र शिक्षा अभियान के ब्लॉक MIS कॉर्डिनेटर सम्मिलत होंगे । इनके द्वारा टेबलेट का तकनीकी सत्यापन किया जाएगा , गुणवत्ता पूर्ण होने पर ही टेबलेट मान्य किए जाएंगे । विद्यालय में प्राप्त सामग्री की भण्डार पंजी स्टाक एंट्री की जाए । देयक भुगतान भौतिक एवं तकनीकी सत्यापन उपरांत विमर्श पोर्टल पर अपलोड किये गये देयक के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित विद्यालयों को राशि उपलब्ध कराई जायेगी अथवा भुगतान किया जाएगा । पंद्रह हजार मूल्य के टेबलेट खरीदी के लिये राशी जारी की गई जिसमे दस हजार शासन द्वारा और पाँच हजार स्थानीय याने कांतिजेंसी की राशी से स्थानीय स्कूल के प्राचार्य को खरीदी करना थी , पर खरीदी करना तो दूर की बात पहले से जिला स्तर पर सेटिंग बाजी हुई और सेटिंग बाज एजेंसियों द्वारा प्राचार्य लोगो के घर जाकर टेबलेट उपलब्ध कराये गये l टेबलेट घटिया कवालिटि के दिये गए जिनकी कीमत लगभग नौ हजार के आस पास की है और बिल पंद्रह हजार के बना कर भुगतान किया जा रहा है और उपर बैठे अधिकारीयों द्वारा विकास खंड स्तर पर तीन लोग जिसमे बी ई ओ के अलावा दो अदने कर्मचारीयो को लगाकर वैरिफिकेशन के नाम पर नौटंकी की जा रही हैं, जिसमे टीम द्वारा केवल यह चेक किया जा रहा है की शासन द्वारा निर्धारित स्टोरेज स्पेस है या नहीं बस l उनसे कीमत का निर्धारण नहीं करवाया जा रहा है l अब सवाल ये उठाता है की प्रत्येक टेबलेट पर लगभग पाँच से छ: हजार मूल्य का जो गाला है वो जा कहाँ रहा है आखिर इन रुपयो की बंदर बाँट किनके बीच होगी, इसका विवरण हम और आप पता लगाते हैं फिर इसकी पोल अगले अंक में l

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