प्राथमिक विद्यालय में नही पढ़ाया जा रहा है बच्चो को…

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निलेश डावर आलीराजपुर

छटी कक्षा मैं पहुंचे विद्यार्थियों को पुस्तक पढ़ते नहीं आती सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कनवाडा निवासी शंकर गुथरिया द्वारा मांगी जानकारी में कनवाड़ा हाई स्कूल मैं ऐसे 12 बच्चे हैं जो किताब नहीं पढ़ पाते हैं, सवाल पुस्तक क्यों नहीं पढ़ पा रहे यह नहीं है, सवाल यह है की पुस्तक नहीं पढ़ पाए तो पांचवी की परीक्षा केसे पास की..?? क्या प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने शिक्षा को सिर्फ मजाक बना रखा है…?? जो बच्चो को पांच वर्ष तक टाइमपास करवाकर छटी कक्षा में बिना सिखाए ही पहुंचा दिया जाता है, क्या सिर्फ तनख्वाह से मतलब रखा जा रहा है यह सवाल है…? शिक्षा के क्षेत्र में अलीराजपुर वैसे ही निम्न स्तर पर है शिक्षा की गुणवत्ता बनाने के लिए स्तर ऊपर उठाने के लिए शिक्षकों को ही प्रयास करना पड़ेगा लेकिन कई स्कूलों में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते हैं कई स्कूलों में तो हफ्ते में दो बार ही शिक्षक जाते हैं तो कहीं दो बजे ताले लगा दिए जाते है। वरिष्ठ अधिकारी द्वारा शिक्षण संस्थानों का दौरा नही किया जाता है, नियमित शिक्षक अतिथि शिक्षकों के भरोसे स्कूल छोड़कर अन्य कामों के उलझा रहता है, शिक्षा सुधार के लिए मॉनिटरिंग सही से नही की जा रही है, नतीजा निकलता है सैकड़ों बच्चे युवावस्था में आते ही पलायन करने को मजबूर हो जाते है। प्राथमिक विद्यालयों में ही कमजोर शिक्षा मिलने की वजह से शिक्षा सुधार नहीं हो पा रहा है।

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