खबरे लगने के बाद जागा प्रशासन

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दीक्षांत शर्मा जोबट

कहते है जल ही जीवन है और जल बिना सब सुन इस कहावत को चरितार्थ करती यहां की जीवनदायिनी डोही नदी जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण दुर्दशा का शिकार होती चली गई।
अनेक गलतीयो को भूलते छुपाते चले गए जिम्मेदार , पहले भी अन्देखी के कारण जीवनदायिनी को बचाने में लाचार था प्रशासन और आज भी है ।

एक समय था जब यह कल कल बहती जीवनदायिनी डोही नदी जोबट में जल आपूर्ति का मुख्य जलस्रोत हुआ करती थी यहां हर समय बारह महीने तक नदी में पानी बहते हुए देखा जा सकता था। लेकिन कुछ वर्षो से इस जीवनदायिनी नदी की हालत ऐसी हो गई है कि यहां बदबू और गंदगी के सिवा कुछ नजर नहीं आता। साथ ही कूड़ा कचरा, गंदगी, जलकुंभी और पूरे गांव का गंदा पानी नालों के माध्यम से बहता हुआ इस नदी में आकर गिरता है। ओर वहीं आज देखे तो पूरी नदी में गंध और जलकुंभी ने अपने पांव पसार लिए है। और साथ ही नदी के ऊपर बनाई अस्थाई रपट पर से आम लोगों का निकलना भी दुर्लभ हो गया है। तो अधिकारी भी इसके लिये जिमेदार है , नगर सौंदर्यीकरण की ताल ठोकता प्रशासन खुद ही अनदेखी का कारण हे जोबट की जीवनदायिनी डोही नदी को गंदगी के अंबार में धकेलने वाले जिम्मेदारों में अधिकारियों ही सबसे पहले है

खबर प्रकाशित होने के पश्चात जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ । जिसके बाद अब यहां एसडीओपी नीरज नामदेव ने जीवनदायिनी को बचाने के लिए प्रण लिया और नगरवासियों को जीवनदायिनी को बचाने के साथ मे आकर श्रम दान करने को कहा । वही सीएमओ आरती खेडेकर ने नदी की सफाई के लिए इस मुहिम में आने के लिए सुरुवात की और आमजन और सामाजिक संगठनों से भी आह्वान किया है की इस मुहिम में प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे।

बाता दे की एसडीओपी नामदेव ने कहा एक कदम हम चले एक कदम तुम चलो और कारवाह ऐसे ही बढ़ता चला जायेगा। रविवार को अलसुबह एसडीओपी नामदेव, सीएमओ आरती खेडेकर सफाईकर्मियों की टीम के साथ पहुंचे और जेसीबी बुलवाकर नदी सफाई का अभियान शुरू किया है। वही कर्म से दूसरे दिन भी जेसीबी के अलावा पोकलेन की मदत से नदी की सफाई को सुचारू रखा ।हालांकि कुछ समय उन्होंने कारसेवा कर नदी को साफ करने का प्रयास किया। लेकिन यह केवल खानापूर्ति तक न रह जाए इसका अधिकारियों को ध्यान रखना होगा। नदी की सफाई का काम एक दिन में नहीं होने वाला इसके लिए सतत अभियान चलाकर सभी समाजसेवी संगठन और आम नागरिकों को भी इस अभियान से जुड़ना होगा तभी यह प्रयास सार्थक हो सकता है। और सफाई करने से पहले गांव के गंदे और दूषित पानी की निकासी के लिए कुछ व्यवस्था की जानी आवश्यक है।

एसडीओपी नीरज नामदेव ने डोही जो जोबट की एकमात्र जीवदायिनी नदी है इसकी स्वच्छता के लिए जोबट के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों, समाजसेवी संस्थाओं और जागरूक लोगो से अपील की है वे आगे आए और प्रशासन का इसमें सहयोग करे हम सभी मिलकर डोही नदी को सदा नीरा और स्वच्छ बनाएंगे।

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