आई.आई.एम. इन्दौर के सहयोग से ‘‘मॉडल जिला बनेगा हरदा

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आई.आई.एम. इन्दौर के सहयोग से ‘‘मॉडल जिला बनेगा हरदा

 हरदा से अजय कुशवाहा की रिपोर्ट

हरदा ।। हरदा जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तथा हरदा जिले को मॉडल जिले के रूप में विकसित करने के लिये जिला प्रशासन और इन्दौर के भारतीय प्रबंधन संस्थान के बीच गत माह एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए थे। इसी क्रम में आईआईएम इंदौर के प्रतिनिधि एस. भवानीशंकर एवं नवीन राय ने मंगलवार को हरदा जिले का दौरा कर टिमरनी में वन विभाग के बंसी एम्पोरियम व सामान्य सुविधा केन्द्र का दौरा किया और कलेक्ट्रेट पहुँच कर कलेक्टर ऋषि गर्ग व वन मण्डल अधिकारी अंकित पाण्डे से भेंट की। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित सिसोनिया भी मौजूद थे।

कलेक्ट्रेट मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में कलेक्टर गर्ग ने इस दौरान जिले में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी प्रजेन्टेशन के माध्यम से आई.आई.एम. इन्दौर के प्रतिनिधियों को दी। उन्होने बताया कि जिले में ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। इसके अलावा विद्युत वितरण कम्पनी व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा जल ज्योतिर्मय शिविर गांव-गांव में आयोजित कर नल बिजली संबंधी ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। इसी तरह राजस्व व पुलिस विभाग द्वारा समरसता शिविर आयोजित कर ग्रामीणों के भूमि विवाद संबंधी मामलों का निराकरण किया जाता है। वसुमता शिविरों के माध्यम से किसानों व पशु पालकों की कृषि, सहकारिता, वन, पशुपालन, मछली पालन जैसे विभागों से संबंधित समस्याएं हल की जाती है। कलेक्टर गर्ग ने बताया कि बैंकर्स व उद्योग विभाग मिलकर क्लस्टर स्तरीय क्रेडिट कैम्प आयोजित कर रहे है, जिनमें ग्रामीणों के स्वरोजगार योजनाओं के तहत प्रकरण तैयार कर लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा जीवनम् स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य व आयुष विभाग मिलकर ग्रामीणों को गांव में ही निःशुल्क उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे है।

वन मण्डल अधिकारी पाण्डे ने इस अवसर पर ‘‘एक जिला एक उत्पाद’’ के तहत चयनित बांस उत्पाद के संबंध में प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया। उन्होने बताया कि बांस का उत्पादन वन क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाने के लिये किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नहरों के किनारे तथा अमृत सरोवरों के आसपास भी बांस के पौधे लगाये जाने की योजना है। उन्होने बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से भी बांस उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।आई.आई.एम. इन्दौर के प्रतिनिधि एस. भवानीशंकर ने इस अवसर पर बताया कि आई.आई.एम. इन्दौर की टीम द्वारा बांस उत्पादों का एक्सपोर्ट बढ़ाने के संबंध में जिला प्रशासन का सहयोग व मार्गदर्शन किया जाएगा। इसके लिये कार्य योजना तैयार कर ली गई है। राय ने कहा कि बांस उत्पादों की मार्केटिंग में भी आई.आई.एम. इन्दौर जिला प्रशासन को सहयोग करेगा ताकि बांस उत्पादकों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर भी स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ाई जा सकती है।

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