165 की अनुमति ओर रिवीजन अपीलों के लिये जिला कलेक्टर रजनीसिंह से सुधार की है जनता को आस

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@वॉइस   ऑफ   झाबुआ

पेटलावद/झाबुआ 19 सितम्बर को नगर पंचायत चुनावो के दौरान प्रचार के लिये आये सीएम के सामने जिले भर के नेताओ ने जनता की समस्याओं ओर अधिकारीयो के कार्यप्रणाली को लेकर मुद्दा उठाया था , जिसके बाद सीएम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए तत्कालीन कलेक्टर सोमेश मिश्रा और एक वीडियो वायरल होने पर एसपी आशुतोष तिवारी को हटाकर बड़ी कार्यवाही करते हुए । अधिकारीयो के बीच ये मेसेज  देने का प्रयास किया था कि  जिले की जनता को परेशान न किया जाए ओर जनता के कार्यो को त्वरित ओर सुगमता से हल किया जाए।

पदस्थापना के साथ आया है जिले में सुधार

ओर इसी उम्मीद के साथ जिले में कलेक्टर के रूप में रजनिसिह ओर एसपी के रूप में आगम  जैन को पदस्थ किया गया है। जिन्होंने अपने अल्प कार्यकाल में जिले की व्यवस्थाओं ओर ला ऑर्डर  को मजबूत बनाने में बहुत कुछ सुधार किया भी  है।

बिक्री अनुमति की  लगती भीड़ ओर जनता होती परेशान

लेकिन फिर भी जिलेभर की जनता की एक बड़ी समस्या जस की तस है वह है परिवर्तित स्वरूप की भूमियों को विक्रय की अनुमति जो कि कलेक्टर कार्यालय से जारी होती है के लिये आज भी जिले की जनता को हर कार्यालय के चक्कर लगाने और परेशान होना पड़ रहा है। जिसका बड़ा उदाहरण प्रत्येक मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय मे अनुमति के लिये पहुचने वाले लोगों की उपस्थिति से ही लगाया जा सकता है। पिछले मंगलवार को ही देर रात्रि तक सुनवाई चलती रही और बाहर से अनुमति के लिये लोग जिनमे महिलाएं भी शामिल है परेशान होते रहे । कइयों को बेरंग भी लौटना पड़ा।

नए बिंदुओं की जांच के निर्देश

सूत्रों की माने तो 165 की अनुमति के लिये बहुत सी फायले लंबित है। इन अनुमतियों की प्रक्रिया को सरलीकरण करने की अपेक्षा 13 दिसम्बर को इस सम्बंध में नए दिशा निर्देश जारी हो गए है और अब इन    बिंदुओं की आपूर्ति ओर जांच में सम्पूर्णता होने के बाद ही अनुमति मिल सकेगी । हालाकि यह नियम 13 दिसम्बर के पस्चात के आवेदनों पर लागू होंगे।

बढ़ेगी क्रेता विक्रेता की दिक्कतें

अब बड़ा सवाल यह है कि पहले के नियमो में सम्पूर्ण जांच होकर गई फाइलों का निराकरण करवाने में ही क्रेता विक्रेताओं को मशक्कत करना पड़ रही है ऐसी स्थित में 165 कि अनुमतियों में आनेवाले दिनों में आमजन को ओर परेशान होना साफ दिख रहा है।

राजस्व का सरकार को नुकसान

आमजन का मानना है कि समय रहते रजिस्ट्री की अनुमति नही मिली तो  न सिर्फ सौदे निरस्त हो सकते है बल्कि रजिस्ट्रेशन से सरकार को मिलने वाले स्टाम्प ड्यटी ओर  राजस्व का भी नुकसान होगा।

रिवीजन अपीलों  में भी परेशानी

कलेक्टर कार्यालय से दूसरे समस्या अभिभाषको ओर आम जनता के लिये  भी निकलकर आ रही है । उल्लेखनीय है कि कलेक्टर न्यायालय में कई रिवीजन ओर अपील प्रकरण लंबित है जिनकी न  सुनवाई नही हो पा रही साथ ही नई रिवीजन केसों में प्राथमिक सुनवाई  नया फार्मूला नवागत  कलेक्टर ने लागू कर दिया है जबकि मप्र भू राजस्व सहिता संसोधन नियम 2018 के अनुसार रिवीजन केसों  को सुनने के लिये कलेक्टर को अधिकृत किया गया है जिसकी तत्काल सुनवाई किया जाना चाहिए पर झाबुआ में मोशन हियरिंग ओर अन्य  कारणों का हवाला देकर पक्षकारो ओर अधिवक्ता  को तारीख पर बुलाया जाता  है पर कोई हल नही निकल  पाता है। सूत्रों की माने तो मोशन हियरिंग के नाम पर ढेरो फायले कलेक्टर न्यायालय में लंबित पड़ी हुई है।

कलेक्टर से आस

जिलेभर की जनता को कलेक्टर रजनिसिह से काफि आस है कि वे जनता की समस्या  ओर पीड़ा को  सम्झकर इन परेशानियों को दूर करेंगी ।

इनका है कहना

 इस संबंध मे जिलाध्यक्ष भानु भूरिया ने बताया कि सीएम साहब ओर भाजपा सहित जिला भाजपा आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर काम करते है , इस मामले में अधिकारियों से चर्चा करेंगे और में खुद कार्यालय में जाकर जनता की बात सुनुगा।

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