आदिवासी महिला ने सेल्समैन पर लगाया बलात्कार के आरोप

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थांदला झाबुआ जिला 1 आदवासी बहुमूल्य जिला हे यहां पर अधिकतर ग्रामीण इलाको में आदिवासी निवास करते है थांदला तेसिल के काकनवानी की सरकारी विपणन संस्था के सेल्समैन पर एक आदिवासी महिला ने लगाए बलात्कार के आरोप। महिला द्वारा झाबुआ पुलिस अधीक्षक अगम जैन को दिए गए आवेदन व पत्रकारों को दिए गए बयान के अनुसार महिला ने कहा है कि काकनवानी सरकारी विपणन संस्था में काम करने वाले जय नारायण पूर्व वकील नामक सेलस मैंने हे जो की थांदला में ऋतुराज कॉलोनी में रहता हे जोकि मेरे घर पर हमेशा आना जाना करते रहते थे जब मेने मेरा मकान बेचा उस टाइम जय नारायण सेल्स मेन मेरे पास आया और मुझ से बोलने लगा की अभी मुझे पेसो की बहुत आवश्यकता है मेरी गेहूं की गाड़ी पकड़ा गई है जिसके लिए मुझे पैसे की आवश्यकता है लाली बेन अभी मुझे आप आपके मकान के आए हुए पैसे
₹550000 उधार दे दो मैं यह आपके ₹550000 तीन किस्तों में आपको दे दूंगा साथी आपका जो भी ब्याज बनता है मैं वह हर महीने आपको दे दिया करूंगा परंतु जय नारायण सेल्समैन द्वारा पैसे लेने के बाद मात्र एक ही बार उन्हें ब्याज की ₹30000 राशि दी गई उसके बाद सेल्समैन द्वारा उसे कोई भी ब्याज की राशि नहीं दी गई थी जिसके बाद महिला ने अपने पैसे के लिए इनकी ऑफिस पर जाकर जय नारायण से अपनी पेसो की बात करना चाही परंतु उनके द्वारा वहा पर भी महीला को अशब्द बोल कर भागा दिया गया उसके बाद एक दिन महिला को सेल्समैन द्वारा फोन लगाकर बहला फुसला के शाम को 7 बजे काकनवानी विप्रण संस्था के ऑफिस पर पैसे देने का कहकर बुलाया गया और उसके साथ बलात्कार किया गया । महिला के साथ बलात्कार की घटना को छुपाने के लिए आरोपी सेल्समैन ने समझौता भी किया था जिस पर सेल्समैन के हस्ताक्षर भी अर्जित है जो महिला द्वारा पत्रकारों को दिखाए गए अब महिला का कहना है कि मैं बहुत परेशान हो चुकी हूं जय नारायण द्वारा आज पर्यंत तक मेरा पैसा नहीं लौटाया गया जिसकी वजह से मैं बहुत परेशान हूं और साथ ही मेरे साथ हुए बलात्कार की रिपोर्ट काकनवानी थाना प्रभारी रिपोर्ट भी लिखने को तैयार नहीं है उसके बाद मेरे द्वारा झाबुआ अधीक्षक अगम जैन को भी मेरे द्वारा सेल्समैन के खिलाफ आवेदन दिया गया था परंतु आज पर्यंत तक उस सेल्समैन पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है ना ही रिपोर्ट लिखी जा रही है अब मेरे पास कोई चारा नहीं बचा है यदि पुलिस प्रशासन मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं करता है अगर मुझे न्याय नहीं मिलेगा तो मेरे द्वारा केरोसिन डालकर आत्महत्या कर ने के सिवाय कोई और चारा नही बचा हे मेरी आत्म हत्या का की संपूर्ण जिम्मेदारी जय नारायण उर्फ वकील सेल मेन की रहेगी और काकनवानी थाना पुलिस की रहेगी
जो अब तक एफ आई आर दर्ज करने में नाकाम साबित हुई है।
पुलिस की ओर से बढ़ती जा रही लापरवाही समझ से परे दिखाई देती है यदि पुलिस की सुस्त कार्रवाई से साबित होता है कि अगर कोई महिला थाने में बलात्कार की शिकायत लेकर आती है तो जांच का कहकर उसे टाल दिया जाता है अगर महिला ने आत्महत्या या कोई अनुचित कदम उठाया तो उसकी जिम्मेदारी किसकी रहेगी फिलहाल यह मामला दबाने की कोशिश की जा रही है इस मामले की जांच होना आवश्यक है पुलिस के आला अधिकारियों को जल्द से जल्द इस मामले की ओर ध्यान देना चाहिए।

जब हमने इस संदर्भ में *जय नारायण काकनवानी सेल्समैन* से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया है कि यह मामला पुराना है इस महिला द्वारा मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं साथ ही मुझे फसाने की कोशिश की जा रही है

इस संदर्भ में *थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह राठौड़* का कहना है कि महिला के आवेदन के बाद जांच की जा रही है।

इस मामले के बारे में जब हमने *पुलिस अधीक्षक अगम जैन* को बताया गया तो उनका कहना था कि मामले को दिखाते हैं ।

अब देखना है एसपी अगम जैन किया अेकसन लेते हे और इस केस को किस परकार हैंडल करते है l

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