खाकी की गर्मी निर्दोष को थप्पड़ मार कर उतार रहे चौकी प्रभारी

1997

 

@वॉइस  ऑफ  झाबुआ  खवासा

प्रदेश के मुखिया ट्राइबल एरिया में पैसा एक्ट लागू करके आदिवासी को उनके अधिकार देने की बात कर रहे हैं वहीं ट्राइबल एरिया में कर्मचारी इसका किस प्रकार उल्लंघन कर रहे हैं। पुलिस का कर्तव्य है देश सेवा,जन सेवा करे,आम जनता की सेवा करे। उनकी रक्षा करें।लेकिन इसके विपरित वर्दीधारी,बैगुनाह,निर्दोष पर किस तरह रोब झाड़ रहे हैं।मामला खवासा चौकी से लगे गांव मादलदा का है,जहां खवासा चौंकी प्रभारी किसी जगन्नाथ कनास केस के सिलसिले में मादलदा जाते हैं,लेकिन आरोपी की पहचान किए बिना गाड़ी से उतरते ही रोड पर खडे शांतु चरपोटा को थप्पड़ मारने लग जाते हैं जबकि शातूं का किसी प्रकार का कोई आपराधिक मामला चौकी में दर्ज नहीं है। चौकी प्रभारी को इसके लिए ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा, निर्दोष लोगों को परेशान करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते है,झाबुआ जिले में नए पुलिस अधीक्षक के रूप में आए अगम जैन द्वारा भी आमजन और पुलिस के बीच में अच्छे संबंधो को लेकर नवाचार किए जा रहे है परंतु जिले के अधिकतर पुलिस कर्मचारी अधिकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हुए अत्याचार की सीमाएं लांघ रहे है जो अच्छे समाज के लिए गलत हे,हालांकि इस मामले में पुलिस अधीक्षक अगम जैन क्या कार्यवाही करते हे ये तो वोही जाने परंतु आमजन का पुलिस पर से विश्वास जरूर उठता जा रहा हे।उक्त मामले का विडियो सोशल प्लेटफार्म पर बहुत तेजी से चल रहा है।

बिना गलती से निर्दोष राहगीर पर थप्पड़ मारने वाले चौकी प्रभारी पर कार्यवाही करते हुए तत्काल निलंबित करना चाहिए
राकेश भुरिया मांदलदा

जिसकी कोई गलती नहीं है और पुलिस ने आरोपी की पहचान किए बिना ही हमारे आदिवासी भाई को थप्पड़ मारी है। एसपी साहब चौकी प्रभारी पर अविलंब कार्यवाही करे।
रमेश कटारा जयस जिला अध्यक्ष

इस मामले को लेकर हमने खवासा चौकी प्रभारी से बात करना चाही लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।

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