आजाद नगर भाभरा बस स्टैंड पर अतिक्रमण का बोलबाला।  बस संचालक बसे सड़क पर ही खड़ी कर उतार दी जाती हे। नगर परिषद द्वारा खुद की आमदनी के चक्कर में आम नागरिकों को हो रही है परेशानी ।

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आजाद नगर भाभरा बस स्टैंड पर अतिक्रमण का बोलबाला। 

बस संचालक बसे सड़क पर ही खड़ी कर उतार दी जाती हे।

नगर परिषद द्वारा खुद की आमदनी के चक्कर में आम नागरिकों को हो रही है परेशानी ।

फाइल फोटो

दिलीपसिंह भूरिया

 चंद्र शेखर आजाद नगर भाभरा का स्थानीय बस स्टैंड धीरे धीरे नगर परिषद की काली सपेद कमाई का जरिया बन गया है ।नगर परिषद ने बिना किसी के अनुमति के ही स्थानीय बस स्टैंड को अतिक्रमण करवा कर पूरा बस स्टैंड और रिक्शा स्टैंड को ही खत्म करवा दिया ।स्थानीय बस स्टैंड पर सभी प्रकार की दुकानें लगाकर बड़ी मात्रा में अतिक्रमण करवा दिया है ।जिससे नगर परिषद की आमदनी बड़ी तो है लेकिन सफेद और काली दोनो ही प्रकार की कमाई हो रही है ।लेकिन अव्यवस्थित बस स्टैंड पर आने वाली बसों का संचालन बस ड्राइवर और क्लीनर सड़को से करते है जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है और आम नागरिक परेशान व कई मिनिटो तक बस स्टैंड के जाम में फसे पड़े रहते है जिनकी वजह से लोगो का कीमती समय बर्दबाद होता है ।कहने को तो आंबूआ काकड़बारी राष्ट्रीय राज्य मार्ग 56 है लेकिन किसी गांव की गली से भी खराब स्थिति इसी रोड की है ।इसी रोड पर अलीराजपुर रोड से लेकर स्थानीय कालियावाव शासकीय महाविद्यालय तक की सड़क अतिक्रमण करने वालो से सटी पड़ी है जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन स्थानीय नगर परिषद की कठपुतली बन कर कार्य कर रही है ।अतिक्रमण हटाती तो है पर भेदभाव पूर्ण तरीके से स्थानीय प्रशासन हर एक काम शुरू तो करती है ।लेकिन बीच में छोड़ कर फिर कुंभकर्णीय नींद में सो जाती है ।जिससे नगर के समस्त अतिक्रमण करने वाले लोगो के हौसले भी तो बुलंद है साथ ही नगर में कुर्ता छाप नेताओ की ही प्रशासन सुनता ज्यादा है ।जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद कब इस अतिक्रमण को हटाती है ।आगे के अंक में वॉइस और झाबुआ में पड़ेंगे ।

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