विरोधियों के षडयंत्रों को विफल करें

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@Voice   ऑफ   झाबुआ

हमारे देश और संस्कृति को तोड़ने का जैसा सुनियोजित षडयंत्र अंग्रेजों ने रचा था, वैसे ही षडयंत्र हमारे विचार के विरोधी आज भी चला रहे हैं। हमें अपनी तैयारियों से मीडिया में चल रहे इस षडयंत्र को विफल करना होगा। हमारी केंद्र और राज्य सरकारें अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से जनहित और गरीब कल्याण के जो प्रयास कर रही हैं, उन्हें समाज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मीडिया कार्यकर्ताओं की ही है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश एवं प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने मीडिया विभाग के प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय सत्र एवं उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।

भारतीय जनता पार्टी के मीडिया विभाग के प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ बुधवार को राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद  ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर, प्रशिक्षण प्रभारी विजय दुबे मंचासीन रहे।

अपनी सत्ता को कायम रखने अंग्रेजों ने रचा संस्कृति को नष्ट करने का षडयंत्रः शिवप्रकाश

प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय सत्र में ’हमारी विचारयात्रा’ विषय पर संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि हमारी विचारयात्रा 1952 में जनसंघ के रूप में शुरू हुई। पं. दीनदयाल जी ने एकात्म मानववाद का विचार दिया। सांसकृतिक राष्ट्रवाद हमारी मान्यता है और हमारा उद्देश्य है कि एकात्म मानव चिंतन के आधार पर , सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के धरातल पर पूरी दुनिया में भारतमाता की जय-जयकार हो। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति लाखों साल पुरानी है, जिसमें शुरू से ही नारी सम्मान, वसुधैव कुटुंबकम और सभी में एक ही परमात्मा है, जैसे विचार समाहित रहे हैं। हमारी संस्कृति विज्ञान सम्मत है और लोकतंत्र की भावना प्राचीन समय से मौजूद रही है। एकात्म मानववाद का विचार भी लाखों साल पुराना है, जिसे अलग-अलग विद्वानों, विचारकों ने अलग-अलग शब्दों में प्रस्तुत किया है। श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि 1792 में जब ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ ईसाई पादरी और बिशप भारत आए, तो वे हमारे सांस्कृतिक वैभव को देखकर घबरा गए। उन्हें लगा कि जब तक हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता रहेगी, हम स्थापित नहीं हो सकते। 1860 में जब भारत का शासन महारानी विक्टोरिया के हाथों में आया, तो अंग्रेजी सत्ता को बनाए रखने के लिए 13 सूत्रीय एजेंडा को स्वीकृत किया गया, जिसमें भारत को अज्ञान, अन्याय और झूठ की भूमि बताया गया और यह कहा गया कि इसका कारण हिंदू धर्म है। यहां से हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति के बारे में एक वैचारिक संभ्रम को तैयार करने का काम शुरू हो गया। हमारे ग्रंथों के बारे में भ्रम फैलाने का जिम्मा मैक्समूलर ने संभाला, तो शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस करने की जिम्मेदारी लॉर्ड मैकाले को सौंपी गई।

आज भी रचे जा रहे हमारी विचारधारा के खिलाफ षडयंत्र
शिवप्रकाश ने कहा कि देश की आजादी के बाद वामपंथियों और हमारी विचारधारा के विरोधियों ने अंग्रेजों के काम को ही आगे बढ़ाया। पं. नेहरू के शासनकाल में ये लोग खूब फले-फूले और उनकी सरकार में भी शामिल रहे। आजादी के बाद एक ऐसी पूरी पीढ़ी तैयार हो गई, जो हमारे धर्म और संस्कृति को अवैज्ञानिक, तथ्यहीन, अनहिस्टोरिकल, तर्क के विरुद्ध और मिथक बताती है। इनकी मान्यता है कि जो भारत के इतिहास और संस्कृति को जितनी गालियां देगा, वो उतना ही बड़ा बुद्धिजीवी है। उन्होंने कहा कि 1952 में जब हमारी यात्रा शुरू हुई, तब दुनिया में समाजवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद ही थे। लेकिन आज सारी दुनिया एकात्म मानववाद के बारे में सोच रही है,  जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर संपूर्ण समाज भारतमाता की जय बोल रहा है, यह हमारे विचार की सफलता है। स्थानीय भाषाओं को सम्मान मिल रहा है और मैकाले का सिद्धांत समाप्त हो रहा है। हमारी वैचारिक श्रेष्ठता सारी दुनिया में स्थापित हो रही है। लेकिन हमारे विचार के विरोधी आज भी हैं, मीडिया कार्यकर्ताओं को इसे समझना चाहिए। ये लोग आज भी हमें बदनाम करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक नैरेटिव सैट करने का प्रयास करते रहते हैं। हमें इन ताकतों से लड़ना और जीतना है। लेकिन इसके लिए हमें अध्ययन करना होगा, तैयारी करनी होगी। जनमत और विचार की श्रेष्ठता हमारे साथ है, लेकिन हमें अपनी क्षमता और योग्यता को बढ़ाना होगा।

सरकार और संगठन के कामों को नीचे तक ले जाना मीडिया विभाग की जिम्मेदारीः विष्णुदत्त शर्मा

प्रशिक्षण वर्ग के उद्धाटन सत्र को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक राजनीतिक दल है और इस नाते हमारे कामों, विचारों तथा गतिविधियों का प्रचार-प्रसार हमारी आवश्यकता है। पार्टी क्या काम कर रही है, संगठन में क्या गतिविधि हो रही है, इन बातों को समाज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मीडिया विभाग की है। हमारी सरकारों ने गरीब कल्याण की, जनजातीय क्षेत्रों के विकास और बेहतरी की जो योजनाएं शुरू की हैं, उनकी जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा लोगों को उनके बारे में शिक्षित करने का दायित्व भी मीडिया विभाग का है।शर्मा ने कहा कि मीडिया विभाग के लोग मीडिया में सक्रिय रहते हैं। समाचार माध्यमों के जरिए वे समाज को प्रभावित भी करते हैं। ऐसे में उनके लिए आवश्यक है कि वे समय के हिसाब से अपने को ढालें, अपडेट करें। बीते समय में मीडिया के क्षेत्र में कई बदलाव आए हैं। आंचलिक क्षेत्रों में छोटे-छोटे समाचार प्रकाशित हो रहे हैं। अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए हम इन समाचार पत्रों का उपयोग किस तरह कर सकते हैं, यह भी हमें सीखना होगा।शर्मा ने कहा कि आज सोशल मीडिया संवाद का प्रभावी उपकरण बन गया है। ऐसे में मीडिया कार्यकर्ताओं के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपने-आपको नई तकनीकों के प्रयोग के योग्य बनाएं।

प्रत्येक संभाग में आयोजित होंगे प्रशिक्षण वर्गः लोकेंद्र पाराशर

प्रशिक्षण वर्ग के संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि प्रशिक्षण हमारी प्रक्रिया का हिस्सा है और अपने काम को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रशिक्षण चलता रहता है। पाराशर ने कहा कि प्रदेश स्तर का यह प्रशिक्षण वर्ग वास्तव में प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण है। इस तरह के प्रशिक्षण वर्ग सभी 7 संभागों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें यहां प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागी मंडल स्तर के तक के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। पाराशर ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में हमें अपने राष्ट्रीय नेताओं का मार्गदर्शन मिल रहा है, जो हमारा सौभाग्य है।प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी एवं प्रदेश कार्यालय प्रभारी राघवेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने की।

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