सीएम शिवराज कहते ग्रामीणों को आई दिक्क्क्त या खबर छपी तो होगी कार्यवाही

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प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने गत दिनों प्रदेश के समस्त सरकारी विभागों ओर उनके जिमेदार अधिकारीयो को यह निर्देश दिया था कि जनता की समस्याओं और  भरस्टाचार की खबर  पर विभागों को प्रभावी  रूप से कार्यवाही करनी चाहिए।  लेकिन ऐसा लगता है कि प्रदेश और जिले के सभी ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के मामले जिस गति से सामने आ रहे हैं उसे यह लगता है कि स्थानीय शासन की सबसे छोटी इकाई जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कार्यों के भ्रष्टाचार के मंसूबे पूरे करने का मंच बन गया है ओर विभागों में मुख्यमंत्री के बयानों का कोई विशेष प्रभाव नही पड़ता है। इसीलिए तो  भ्रष्टाचार का आलम यह है कि निर्माण कार्य कागजो पर दिखाकर लाखों रुपए का आहार कर लिया बताया जाता है। ओर कई बार खबर लगाने और ग्रामीणों ओर जनता  ने शिकायत करने के बावजूद जिमेदारो ने कोई  कार्यवाही  करना उचित नही समझा।

ये है मामला
ऐसा ही एक एक मामला पेटलावद विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत धोलिखाली में देखने को मिल रहा है। जहां पर वर्ष 2021 में सांसद निधि से सामुदायिक भवन स्वीकृत हुआ था इसकी लागत ₹5,00,000लाख  स्वीकृत हुए  थे परंतु आज दिनांक तक वहां पर सामुदायिक  भबन का निर्माण हुआ ही नहीं

नागरिकों ने जांच पड़ताल कर किया खुलासा

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब  गांव के जागरूक नागरिको ने  जब पंचायत की वेबसाइट खोल कर देखा तो उनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई की दिनांक 13/08/ 2021 को 63,265 रुपए इसी दिन 70,000 रुपए इसी दिन 96,000 रुपए निर्माण कार्य हेतु दर्शा कर एवं इसी दिनांक को ₹42,000 सिंगार कृषि फॉर्म का बिल लगाकर गिट्टी खरीदी का ग्राम पंचायत ने बिल लगाकर कुल 2,36000 एक ही दिन में  सामुदायिक भवन निर्माण हेतु आहरण कर लिए ।

पूर्व सचिव और सरपंच ने रखी राशि

जब इस मामले में वर्तमान सचिव
से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि पूर्व सचिव विनोद देवडा ने एवं सरपंच ने यह राशि अपने पास रख ली मैंने कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया था आगे मैं कुछ नहीं जानता।

जल्द काम शुरू कर देंगे

जब इसी मामले पर पूर्व सचिव विनोद देवड़ा से  चर्चा  की  गई तो उनका कहना था कि सरपंच ने राशि निकाली थी और वेंडर निर्माण के लिए राशि देना था ।काम जल्दी चालू करके सामुदायिक भवन हम बना देंगे यह हमारी ग्राम पंचायत का मामला है ।

पैसा पूर्व सचिव के पास है

जब पूर्व सरपंच कालू सामा से चर्चा कि  गयी तो उनका कहना था यह पैसा सचिव विनोद देवड़ा के पास ही है अब मैं काम करवा दूंगा देवड़ा से पैसे लेकर।

पेयजल कि टँकी का पैसा आचार सहिंता के एक दिन पहले निकाला

ऐसा ही एक और मामला इस पंचायत में देखने  को मिल रहा जिसमे नागरिको ने  बताया कि दिनांक 23/05 /2022 को गांव में पेयजल की टंकी के लिए 1 लाख 88हजार  स्वीकृत हुए थे परंतु यहां पर भी सरपंच सचिव ने आचार संहिता लगने के 1 दिन पूर्व दिनांक 29 /05 /2022 निर्माण कार्य पानी टंकी हेतु एक लाख ₹1,10000 रुपए का आहरण कर लिया और यह राशि भी सचिव अनार सिंह के अनुसार वेंडर को देने के लिए सरपंच के पास है ।

पैसा आहरण के बाद भी नही बना सी सी रोड

सी सी रोड मुणीया फलियां  जुआनपूरा,  काली कराई में प्रधानमंत्री रोड से नारजी के घर तक सीसी रोड कि राशि भी वर्ष 2020 /21 मे  बिना रोड बनाएं आहरण कर ली जिसका कई बार नागरिकों ने तत्कालीन सीईओ व अन्य अधिकारियों को अवगत कराया परंतु किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया कुल लागत 185000 रुपये में बनने वाला सीसी रोड जिसके निर्माण कार्य सामग्री हेतु तत्कालीन सरपंच और सचिव ने ₹86000 एवं 99000 हजार रुपये राशि आहरण कर ली और रोड आज तक नहीं बनाया अगर जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इमानदारी से पारदर्शी जांच करते हैं तो इनके पूरे कार्यकाल में अनेकों भ्रष्टाचार उजागर होंगे

अदेय प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया

इस पूरे मे  मामले में जिन कार्य्य के लिये राशि का आहरण किया गया है  उसका धरातल पर कोई उपयोग नही हुआ और नही निर्माण कार्य पूरा हुआ और राशि सरपंच सचिव ने आहरण कर ली फिर इन्ही सरपंच महोदय ने फिर से चुनाव लड़ने के लिये जनपद से अदेय प्रमाण पत्र भी प्राप्त  कर लिया और जिमेदारो ने बिना जांच किये ही प्रमाण पत्र जारी भी कर दिया।आश्चर्य का विषय है कि पंचायत में शासकीय राशि पंचायत की कोई बाकी नहीं होने का अदेय प्रमाण पत्र मंत्री की परमिशन पर जनपद पंचायत पेटलावद द्वारा जारी कर दिया गया  ।

राशि की बंदरबांट

जिसका सीधा अर्थ यह है कि कागजो में राशि का उपयोग बताकर आहरण का  उद्द्देष्य पूरा होना बताया  गया।और राशि की पूरी बंदरबांट  जिमेदारो ने कर ली और जनता और गाँव के विकास  पर पानी फेर कर पंचायती राज व्यवस्था के मूल उद्देश्यों को नुकसान पहुचाने का पूरा प्रयास किया गया। जिसके लिये निस्पक्ष  जांच कर जिमेदारो के खिलाफ कार्यवाही की मांग  धोलिखाली  की जनता के द्वरा की जा रही है।

अब तक नही हुयी कार्यवाही

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने  माह मई जून 2022 में वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की गई थी ओर इस भरस्ताचार के मुद्दे को अखवारों ओर मीडिया ने प्रमुखता   से उठाया था लेकिन ग्रामीणों की शिकायत ओर मांग सहित मीडिया की खबरों पर अब तक कोई कार्यवाही नही होना इस मामले में जिमेदारो की अनदेखी ओर मिलीभगत का जीवंत उदाहरण है।

नवागत अधिकारीयो से उम्मीद

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों को नवागत जिला कलेक्टर रजनिसिह, जिला पंचायत सीईओ  अमन वैष्णव  व जनपद सीईओ राजेश दीक्षित से आमजन को कार्यवाही की आस है। अब देखना यह है कि  जिमेदार अधिकारी सीएम की मंशा के अनुरूप इस मामले में एक्शन लेते है या नही।

ग्रामीणों की मांग

तत्कालीन सरपंच सचिव एवं वर्तमान सचिव, जनपद स्तरीय समस्त मानिटरिंग अधिकारी जैसे सुपरवाइजर, इंजीनियर  पर  कारवाही होना चाहिए जिससे जनता में पंचायत जैसी पवित्र संस्था पर विश्वास जगेगा

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