राणा पूंजा भील जयंती मुख्य चौराहे पर मनाई गई

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करवड़ से विनोद शर्मा

दिनांक 05 अक्टूबर राणा पूंजा भील जयंती गांव करवड़ के मुख्य चौराहे पर मनाई गई जिसमें गांव के सरपंच विकास बाबूलाल गामड़ शंभू बा मुणिया सचिन गामड़ धर्मेंद्रसिंह राठौर,चिराग भंडारी,बंटी सिंगाड़ वासुदेव मोरी राजू मईडा यस मईडा भारत गरवाल अजय कटारा मोहन डिंडोर संदीप सिंगाड़

  • पूँजाजी भील पानरवा के राजा , जन्म 5अक्टूबर 1500ईसवी ।
    आपके पिता दूदाजी होळंकी एवम् माता केहरीबाई जन्म स्थान मेरपूर , भोमट ।
    तत्कालीन मेवाड़ राज्य स्थित भोमट क्षैत्र के भील शासक के रूप मे कीर्ति स्थापित की । वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप के साथ मित्रता स्वर्ण अक्षरों के साथ इतिहास के पन्नों पर मौजूद है ।आपने जगप्रसिद्ध हल्दीघाटी युद्ध मे हजारों भील सैनिकों की सैना के सहयोग से गुरिल्ला छापामार युद्धकला से मुगल सेनापति मानसिंह कछवाहा को देबारी के जंगल मे अस्त्रशस्त्र रसद सहित लुट लिया , अर्थात हल्दी घाटी युद्ध को जीत लिया ।इस युद्ध के उपरांत मेवाड़ की राजमाता जयवंताबाई ने आपको राणा की पदवी से सुशोभित किया ।ओर मेवाड़ राज्य के राजचिह्न मे भीलूराणा को स्थान प्राप्त हुआ ।
    24 वर्षों तक भोमट सहित अधिकांश मेवाड़ को मुगलों से स्वतंत्र बनाऐ रखा।

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