ये केसी माता रानी की आराधना है…? मंगता है तो आजा रसिया…में ये चली.. कहा जा रहा है हमारा झाबुआ कहा गए हिंदूवादी संगठन…बड़े बड़े समाज सुधारक…? गरबा पंडालों में अश्लील गानों की भरमार

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@उमेश चौहान

कहने को तो झाबुआ जिला एक आदिवासी बहुल जिला है ओर पड़ोसी राज्य गुजरात से बिल्कुल सटा हुआ है जिस कारण झाबुआ जिले की भाषा बोली वहां से मिलती जुलती है साथ ही गुजरात का प्रमुख त्योहार कहे जाने वाली नबरात्री भी झाबुआ जिले के गांव गांव में धूम धाम से मनाई जाती है यहां नो दिनों तक माता रानी की खूब आराधना की जाती है कोई उपवास रखता है तो कोई पैदल यात्राएं करता है क्यो की नवरात्रि माता रानी की भक्ति का त्योहार है ….

पर न जाने क्यो झाबुआ स्थित जिला मुख्यालय पर एक गरबा पंडाल जो कि अपनी भव्यता के कारण पूरे जिले में।प्रसिद्ध है और वहाँ के गरबो की तारीफ हर कोई करता है साथ ही आयोजन के प्रमुख भी हमेशा धर्म जागृत के लिए आगे रहते है…इस पांडाल में महिलाएं बच्चे बुजुर्ग सभी अपने परिवार के साथ माता रानी की आराधना में गरबे खेलने जाते है पर न जाने क्यो इस पांडाल में इस बार हिंदी गीतों की ऐसी भरमार है कि पूछो ही मत….मूंगड़ा मूंगड़ा …मांगता है तो अजा …..लग जाए गले जैसे अश्लील गाने माताजी के पांडाल में बज रहे है ….जिस कारण सम्मानजन परिवार इस तरह के आयोजन से दूरी भी बनाने लगे है …सवाल यह उठ रहा है कि एक तरफ पूरे देश मे हम हिंदुत्व की अलख जगाने की बात कर रहे है धर्म से संस्क्रति शिक्षा की बात करते है और हम ही ऐसे गाने गरबा पांडाल में बजाएंगे तो सन्देश गलत ही जाएगा क्यो की महिलाएं बच्चे बुर्जुग सब यहां गरबा देखने खेलने आते है ऐसे में थोड़ी सी सभ्यता भी जरूरी है …..हम किसी को गलत नही बोल रहे है पर गरबा पंडाल अपनी गलती स्वीकार कर इन हिंदी गीतों पर बेन जरूर लगाए …क्यो की माता जी का यह पर्व भक्ति का पर्व है उपासना का पर्व है …।

वही कुछ लोगो ने सोशल मीडिया पर भी इन अश्लील गरबो का विरोध किया है उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि अगर माता रानी की आराधना नही कर सकते तो मत करो कम से कम उपहास तो मत करो……

 

आखिर हिन्दू संगठन क्यो चुप है..?

जिंहा वैसे तो जिले में हिन्दू संगठन हर गलत चीज का खूब विरोध करते है पर जिला मुख्यलय पर माता रानी के गरबो में इस तरह का उपहास किया जा रहा तब क्यो चुप है….वही बड़े बड़े समाज सुधारक वैसे बहुत ज्ञान देते फिरते है आज सरेआम माता मि भक्ति में उपहास किया जा रहा है..?

हम तो यही कहेंगे …जगतजननी मा जगदम्बा की आराधना का पर्व है नवरात्रि इसे हल्के में न ले अगर माता रानी ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया न तो फिर सम्भलना मुश्किल हो जाएगा….

 

 

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