मॉडल स्कूल के बच्चे तीन किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर, खड़े रहने के लिए बस स्टेशन भी दुर्घटना का बना रहता है भय

1325

करड़ावद हेमन्त राठौड़

मध्यप्रदेश शासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था को नए आयाम देने की तैयारी में दिल्ली मॉडल की तरह प्रदेश भर में सीएम राइस स्कूल शुरू किए जा रहे है। जिनकी थीम पूरी तरह से निजी स्कूलों की तरह होगी और बच्चों को आने-जाने के लिए बसों तक कि सुविधा दी जाएगी। सरकार नई योजना पर पूरा दिमाग खपा रही है लेकिन वर्तमान में कई संस्था ऐसी भी जहा के बच्चों को बस स्टेशन पहुँचने के लिए बस सुविधा की आवश्यकता है। जिसके अभाव में स्कूल के सैकड़ो छात्र-छात्राओं को तीन से चार किलोमीटर पैदल चल कर स्कूल आना-जाना पड़ता है। हालांकि स्कूल में बच्चे कई किलोमीटर दूर से आते है लेकिन उनको आने-जाने के साधन स्कूल से तीन किलोमीटर दूर से मिलते है जिससे उनको भारी परेशानियों का शिकार होना पड़ता है।

मॉडल स्कूल के सैकड़ो विद्यार्थी कर रहे रोज की पैदल यात्रा

पेटलावद से तीन किलोमीटर दूर थांदला-बदनावर मुख्य मार्ग पर स्थित मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्कूल पहुँचने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। सरकार चाहे तो एक बस की व्यवस्था से स्कूली बच्चों के जीवन की बड़ी मुश्किले कम कर सकती है। यहां पेटलावद और करडावद से स्कूल की दूरी तीन से चार किलोमीटर है। स्कूल से घर और घर से स्कूल पहुँचने के लिए बस भी पेटलावद और करडावद बस स्टेशन से मिलती है। खास कर शाम के समय घर वापसी में दिक्कतों का समाना करना पड़ता है। इसलिए मुख्य मार्ग पर करडावद-पेटलावद के सैकड़ो बच्चे बस का इंतज़ार नही करते हुए चार किलोमीटर की पैदल यात्रा पर अपने घर की और निकल पड़ते है।

स्कूल के आस-पास बच्चों के लिए बैठने तक कि व्यवस्था नही

मॉडल स्कूल से नीचे आने के बाद मुख्य मार्ग पर इन स्कूली बच्चों के लिए बेठेने के लिए शेड तक कि व्यवस्था नही है। अक्सर आपने सड़क के किनारे देखा होगा कि विधायक और सांसद अपनी मद से कई स्थानों पर ऐसे यात्री प्रतीक्षालय बना देते है लेकिन वर्षो से स्कूल के बच्चे धूप, बारिश, ठंड में सड़क के पास ऐसे ही खड़े रहने को मजबूर है। लेकिन किसी जनप्रतिनिधि की नींद इस दिशा में नही खुली। स्कूल के पास सड़क से लगी सरकारी भूमि भी पड़ी है जहाँ क्षेत्र के विधायक मईड़ा स्वयं की निधि से बच्चों के लिए यात्री प्रतीक्षालय बनाने की घोषणा कर चुके है, लेकिन आज तक इस और कोई सुनवाई नही हुई। स्कूल खत्म होने के बाद आप सैकड़ो बच्चों को पैदल यात्रा और बस के इंतजार में सड़क के किनारे असुरक्षित बैठे रहने की तस्वीर देख सकते है। सबसे बड़ी बात क्षेत्र के विधायक खुद प्रतीक्षालय के लिए दी गई राशि मे भ्रष्टाचार की पुष्टि कर रहे है।

इस संबंध में विधायक वालसिंह मैडा का कहना है कि, मेरे द्वारा विधायक निधि से ग्राम पंचायत करडावद को दो वर्ष पूर्व दो लाख रुपये दे चुका हूं। अभी तक प्रतीक्षालय नही बना ये शर्म की बात है। मैं एसडीएम और जनपद सीईओ से चर्चा कर जल्द से जल्द ये कार्य करवाता हु।

छात्राएं होती है छेड़खानी का शिकार, दुर्घटना का बना रहता है भय

स्कूल आने-जाने वाली लड़कियों के साथ पहले भी कई बार छेड़खानी के मामले सामने आ चुके है। न केवल क्षेत्र के मनचले युवक अपने वाहनों से लड़कियों के आने-जाने के समय छेड़खानी करते है, बल्कि मुख्य मार्ग होने के कारण मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ो वाहनों में से कई वाहनों में बैठे मनचले सड़क पर जा रही लड़कियों को अश्लील फतित्तया कसते हुए निकल जाते है।

थांदला-बदनावर मार्ग स्टेट हाइवे होने के कारण अत्यधिक व्यस्त होता है और यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाये होती ही रहती है। ऐसे में सड़क किनारे चल रहे बच्चों के साथ कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सीएम राइस जैसी स्कूलों के साथ-साथ मॉडल स्कूलों में भी बस व्यवस्था होनी चाहियें जो ज्यादतर नगर से दूर स्थित है। कम से कम स्कूलों बच्चों को घर तक नही लेकिन आस-पास के बस स्टेशन तक छोड़ दे जहा से वो सुरक्षित अपने घर पहुँच जाए। विभाग के अधिकारी और स्कूल प्रशासन, शासन की योजना का हवाला देकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा से पल्ला झाड़ रहे है।

भाजपा महामंत्री जिला पंचायत सदस्य कृष्ण पाल सिंह गंगा खेड़ी ने बताया कि, बच्चों की सुविधा और सुरक्षा के लिए अगर कोई व्यवस्था हो सकती है तो शिक्षा मंत्री को पत्र लिख कर जिले के मॉडल स्कूलों में पास मुख्य बस स्टेशन तक बस सेवा सांसद और पूर्व विधायक से जल्द से जल्द सड़क के दोनों और दो अस्थाई प्रतीक्षालय की मांग करूंगा।, ताकि स्कूल के बच्चे बस के इंतजार में सड़क के किनारे इंतज़ार न करे।

इस तरह सड़क पर पैदल तीन से चार किलोमीटर दूर जाने को मजबूर पेटलावद-करडावद के विद्यार्थी।

सड़क किनारे थांदला-बदनावर मार्ग पर बस का इंतजार करते विद्यार्थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here